अक्सर ऐसा होता है कि पूजा के फूल और कपड़ों को कचरे में फेंक दिया जाता है और उनका फिर से इस्तेमाल नहीं हो पाता है। लेकिन कानपुर की निधि कुकरेजा ने खराब फूलों और कपड़ों से खुद के लिए नया बिजनेस खोज निकाला है। उनका बिजनेस न सिर्फ भारत में बल्कि अमेरिका और जापान में भी डिमांड में है। आइए जानते हैं विस्तार से।कई बार ऐसा होता है, या आप कहें कि हर बार पूजा में फूल और नए कपड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। पूजा के बाद फूल कूड़ेदान में मिलते हैं या फिर नदियों के किनारे पानी में फेंक दिए जाते हैं। पूजा के सामानों के नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। कानपुर की निधि ने इन फूलों से बिजनेस करने का फैसला लिया। उन्होंने निर्वाण अपसाइकलर्स की शुरुआत की। इस दिलचस्प स्टार्टअप के जरिए निधि ने पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने का फैसला किया। निधि बेकार पड़े हुए पूजा के फूल और कपड़ों से इसे अपसाइक्लिंग करती हैं। निधि ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि पूजा के बाद कई चीजें पेड़ या नदी के किनारे मिलती है और हमारी टीम इन सभी को इकट्ठा करने कार्य करती है और फिर इन सभी सामग्री को इकट्ठा करते हुए अपसाइक्लिंग का काम किया जाता है। ज्ञात हो कि केवल कानपुर में नहीं बल्कि देश के भिन्न भागों में 1 हजार किलो पूजा वेस्ट संग्रहित करने का काम किया जा चुका है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए कई लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। इन जुटाई गई पूजा की सामग्री से पर्स-पोटली और लिफाफे बनाने का कार्य किया जाता है। मार्केट में मिलने वाले शगुन का लिफाफा लेने के बजाय कई लोग कपड़े के वॉशेबल लिफाफा खरीद रहे हैं, जो कि फिर से काम आ सकता है। इससे एक तरह से पर्यावरण पर भी बोझ कम होता है। इसके अलावा कंपोस्टेबल पेन और पेंसिल भी बनाए जा रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए लाभकारी होता है। निधि द्वारा बनाई गई सारी सामग्री को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों में भी सप्लाई किया जाता है। 150 रुपए से इसकी कीमत शुरू है, जो कि काफी किफायती है।