ग्रामीण इलाकों में महिलाएं खुद के आर्थिक तौर पर संपन्न बनाने के लिए कई सारे कार्य कर रही हैं। प्रबल महिलाओं की फेहरिस्त में इस बार नाम शामिल होने जा रहा है, झारखंड की राजधानी रांची की निवासी अंजू का। घर की दहलीज लांघ कर अंजू ने फैसला किया वह अपने हाथ की कला को पहचान देंगी और अपने साथ कई अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेंगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
उल्लेखनीय है कि झारखंड की अंजू की लोकप्रियता का आलम यह है कि उन्हें झारखंड वाली दीदी के नाम से जाना जाता है। केरल से लेकर आंध्र प्रदेश तक उनके बनाए गए नमकीन की मांग है। अंजू का कहना है कि उनके पास 100 से अधिक वैरायटी के नमकीन मिलेंगे और इसके साथ ही वह पुदीना नमकीन और चना नमकीन भी बनाती हैं। साथ ही वह अपने नमकीन की ब्रांड की पैकिंग भी काफी अच्छी तरह से करती हैं। उनके नमकीन की इतनी मांग है कि कई सारे कस्टमर उनके पेटेंट बन चुके हैं।
हालांकि अंजू की शुरुआती जिंदगी पहले ऐसे नहीं थी, उन्हें घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। घर के हालात खराब हो रहे थे, तो उन्होंने घर से ही नमकीन बनाने का काम शुरू किया। अपने साथ अन्य महिलाओं को जोड़ा। उनके नमकीन का बिजनेस तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसके बाद उन्होने 12 हजार की महिने की पगार पर महिलाओं को नौकरी देने का फैसला तिया और अपने साथ अन्य महिलाओं के जीवन में भी आर्थिक प्रकाश फैलाया।
अपने बिजनेस का प्रचार करने के लिए उन्होंने मेले में स्टॉल लगाना शुरू किया, उसके बाद उनके नमकीन का टेस्ट लोगों को पसंद आया और उन्हें लोकप्रियता भी मिली। आज वह महीने में ढाई लाख रूपए कमा लेती है और इसी तरह वह उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं, जिनते हाथ में पाक कला का हुनर है।
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