गायनेकोलॉजिकल कैंसर गंभीर समस्या, जानें एक्सपर्ट की राय
महिलाओं से जुड़ी कैंसर की समस्या को लेकर नई जानकारी सामने आयी है। हाल ही में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च में पब्लिश्ड रिपोर्ट में गायनेकोलॉजिकल कैंसर को लेकर यह कहा गया है कि भारत में महिलाओं के लिए गायनेकोलॅजिकल कैंसर एक बड़ी समस्या बन कर उभर रहा है। महिलाओं में इस समस्या को अनदेखा करना एक बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। लेकिन अगर महिलाएं इस संबंध में खुद को जागरूक रखती हैं, तो एक गंभीर बीमारी से खुद का बचाव कर सकती हैं। अगर पीरियड्स 7 दिनों से अधिक रहता है या फिर 2 घंटे में कम समय में पैड बदलना पड़ता है, तो महिलाओं को इसके लिए सतर्क हो जाना चाहिए।
आसान भाषा में इसे समझा जाए, तो महिलाओं में मौजूद रिप्रोडक्टिव आर्गेन की सेल्स असामान्य तरीके से बढ़ने लगती है, तो कैंसर की समस्या बढ़ जाती है। गायनेकोलॉजिकल कैंसर में सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर, यूटेराइन कैंसर, वजाइनल कैंसर भी शामिल होता है। इस संबंध में महिला रोग विशेषज्ञ सोनिया चंदनानी का कहना है कि महिलाओं में किसी भी तरह के कैंसर का सबसे आम लक्षण ब्लीडिंग के पैटर्न में बदलाव होना है। हालांकि इसके और भी लक्षण हो सकते हैं। ब्लेडर कैंसर के कारण पेशाब में से खून भी आ सकता है। गर्भाशय के कैंसर के कारण अनियमित ब्लीडिंग हो सकती है। ओवेरियन सिस्ट और ट्यूमर के कारण भी ब्लीडिंग के पैटर्न और प्रकार में बदलाव आ सकता है।
इसके लिए जरूरी है कि हम सभी महिलाओं के रूटीन ओपीडी विजिट के दौरान रेगुलर अल्ट्रासाउंड, लिक्विड साइटोलाजी और एंडोस्कोपी को बढ़ावा देना चाहिए। इसके लिए एक तरह से पूरा इलाज होना चाहिए। कई बार कुछ दवाएं ब्लीडिंग के पैटर्न को भी बदल देती हैं। महिलाओं में कुछ तरह के कैंसर का खतरा भी बढ़ा देती हैं। इसलिए महिलाओं को हर तरह से संतर्क रहने की जरूरत है।