वेस्ट से बेस्ट फर्नीचर बना कर महिलाओं के सपने को साकार कर रही हैं गौरी
मुजफ्फरनगर की गौरी गोपाल अग्रवाल ने अपशिष्ट पदार्थों से उच्च गुणवत्ता वाले टिकाऊ फर्नीचर बनाने का प्रशिक्षण देकर 15,000 से अधिक महिलाओं को प्रभावित किया है। आइए जानते हैं विस्तार से।
गौरी गोपाल अग्रवाल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रहने वाली हैं और उन्होंने कई सारे शानदार काम महिला सशक्तिकरण के लिए किया है। उन्होंने महिलाओं को आत्म-निर्भर बनने के लिए भी प्रेरित किया है। दरअसल, उन्होंने वर्ष 2012 में एसएसएफ की स्थापना की और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा, लेकिन उन्हें कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, जैसे शुरुआत में ग्रामीण गांवों में सौर प्रकाश व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से स्थापित हुए, जिससे लगभग 20 हजार लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ा, वहीं उन्होंने औद्योगिक कचरे की प्रचुरता और स्थानीय महिलाओं के बुनाई कौशल के अप्रयुक्त उपयोग को देखते हुए बाद में सतत विनिर्माण की ओर रुख किया। साथ ही यह जानना आपके लिए दिलचस्प होगा कि वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक सामाजिक उद्यमी हैं और स्किल्ड समैरिटन फाउंडेशन (एसएसएफ) की संस्थापक हैं, जो लक्जरी सतत ब्रांड सिरोही का संचालन करती है। सिरोही औद्योगिक प्लास्टिक कचरे, कपड़ा स्क्रैप और स्थानीय रेशों का उपयोग करके चारपाई, फर्नीचर और बक्से जैसे हस्तनिर्मित घरेलू सजावटी सामान बनाती है। वहीं ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका के लिए उन्हें नीति आयोग द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही पारंपरिक भारतीय शिल्प कौशल और आधुनिक वैश्विक मांग के बीच की खाई को पाटने के उनके प्रयासों के लिए उन्हें मान्यता दी गई है। वाकई, हमें ऐसी महिलाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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