पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी और के सपने को पूरा करने का काम करना हर किसी के बस की बात नहीं है। हालांकि वाराणसी की सरिता तिवारी यह करने में कामयाब हुई हैं। सरिता तिवारी शिक्षा की सवारी पर बैठकर कई सारी जरूरतमंद लड़कियों तक ज्ञान को पहुंचा रही हैं। उत्तर प्रदेश की लोकगायिका सरिता तिवारी ने बेटियों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने का कार्य कर रही हैं और कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। कई बार ऐसा होता है कि सामाजिक दबाव के कारण स्कूल छोड़ने पर महिलाओं को मजबूर होना पड़ता है। सरिता तिवारी इन सभी लोगों के लिए कार्य कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि सरिता तिवारी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से गणित में एमएससी और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से संगीत में एमपीए की पढ़ाई की है। सरिता ने आकाशवाणी, लखनऊ केंद्र की गायिका हैं। कई तरह के कार्यक्रम में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। अपने काम के साथ वह प्रशिक्षण देने का भी कार्य करती हैं।
सरिता तिवारी उन महिलाओं का चयन शिक्षा के लिए करती हैं, जो कि किसी वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाती हैं। कई बार आर्थिक तंगी, कम उम्र में शादी और घरेलू जिम्मेदारियों के कारण लड़कियां पढ़ाई पूरी नहीं कर पाती हैं। उन लड़कियों तक शिक्षा पहुंचाने का काम सरिता तिवारी कर रही हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी संस्था मां विंध्यवासिनी सामाजिक कला संगम की शुरुआत की। यहां पर निशुल्क गायन का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।
यहां पर खासतौर पर लोकगीत,सोहर,कजरी के साथ विवाह गीत की बारीकियां सिखाई जाती हैं। साथ ही मंच संचालन और प्रस्तुति भी सिखाया जाता है, इससे पहचान के साथ रोजगार भी मिलता है। वर्तमान में अपने इस सराहनीय कार्य से सरिता तिवारी सैंकड़ों महिलाओं की जिंदगी बदल चुकी हैं।