यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि खेती महिलाओं के लिए कमाई का सशक्त जरिया बन गई है। झारखंड की महिलाएं खेती में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। साथ ही खेती में अपना प्रयोग और योगदान भी जारी रखा है। गर्मी के मौसम में आम की खेती काफी लोकप्रिय रहती है। देश-विदेश में आम की मांग बाजारों में बढ़ जाती है। जमशेदपुर यानी कि झारखंड के डुमरिया प्रखंड की पंचायत से जुड़ी हुई महिलाओं का समूह आम बागवानी का काम तेजी से कर रहा है।
यह महिलाएं खेती में अपनी मेहनत और लग्न को दिखाते हुए इसमें आगे बढ़ रही है और साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को भी खेती के काम के लिए प्रेरित कर रही हैं। ज्ञात हो कि आम की खेती की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए इन महिलाओं ने इस पर अधिक फोकस किया है। इन महिलाओं ने मिलकर 2 एकड़ भूमि पर आम की खेती की। इसमें उन्हें काफी बड़ी मात्रा में आम की पैदावार मिली।। अपने खेत के आम को इन महिलाओं ने लोकल बाजारों से लेकर लंदन तक भी निर्यात किया है।
दिलचस्प है कि इन महिलाओं को आम से अभी तक 1.8 क्विंटल आम की पैदावार की है। इन आमों को 50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से भी बिक्री की है। इन सभी आम को निर्यात करने पर इन महिलाओं को 10 हजार के करीब की कमाई हुई है।