वाराणसी के अशोक विहार कॉलोनी में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा धर ने अपने अस्पताल में गर्ल चाइल्ड को लेकर एक सराहनीय कार्य कर रही हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। डॅा. शिप्रा धर ने लैंगिक भेदभाव से लड़ने के लिए साल 2014 से अपने नर्सिंग होम में जन्मी बच्चियों के लिए सभी प्रसव शुल्क माफ कर देती हैं। उन्होंने यह सुविधा सामान्य और सी-सेक्शन दोनों तरह के पर्याय के लिए रखी हुई है। आइए जानते हैं विस्तार से।
अपने इस प्रेरणादायी सफर को आगे बढ़ाते हुए डॉ शिप्रा अब तक 500 के अधिक बच्चियों का जन्म नि शुल्क करा चुकी हैं। इसके साथ समाज से वंचित लड़कियों और विधवाओं की शिक्षा, पोषण और आर्थिक सुरक्षा में भी सहयोग करती हैं। लड़की पैदा होने पर फ्री डिलीवरी करने के पीछे उनका मकसद यही रहता है कि इस दुनिया में बेटी के आगमन को पैसे से तौला नहीं जाए। इसके साथ ही उनके साथ सामाजिक भेदभाव का मुकाबला किया जा सके।
अपने जीवन में शिप्रा ने गर्ल चाइल्ड की सुरक्षा के लिए कई तरह की गतिविधियां जारी रखी हैं। इसमें खासतौर पर 50 से अधिक लड़कियों की शिक्षा को प्रायोजित भी करते हैं और उन्होंने 25 लड़कियों के लिए सुकन्या समृद्धि खातों में निवेश भी किया है। इसके साथ डाॅ एक खाद्य बैंक भी चलाती हैं, जो कुपोषित बच्चों की मदद करता है। त्योहारों के दौरान 40 से अधिक गरीब विधवाओं को अनाज और अन्य तरह की आवश्यक वस्तुओं से सहायता प्रदान करती हैं। गर्ल चाइल्ड और महिलाओं के लिए अपने इस ठोस कदम को वाराणसी में महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।