उत्तर प्रदेश की एक महिला ने 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने का कारनामा करते हुए इतिहास रच दिया है। ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की 28 साल साल की शिक्षिका दिव्या सिंह ने साइकिल से माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचकर कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। उन्होंने काठमांडू से अपनी यात्रा की शुरुआत की और इसके साथ 14 दिनों के कठिन अभियान के बाद 17 हजार पांच सौ साठ फीट की ऊंचाई पर स्थित बैस कैंप तक सफलतापूर्वक पहुंची हैं।
इस यात्रा के दौरान उन्होंने 12 डिग्री के तापमान का सामना किया है। जहां पर उन्हें लगातार कम ऑक्सीजन और तेज हवाओं का भी सामना किया है। सिंह ने ऊबड़-खाबड़ रास्तों सहित पहाड़ी मार्ग पर हर दिन 10 से 12 घंटे साइकिल चलाई है। जहां पर साइकिल चलाना मुश्किल रहा है, ऐसी जगह पर उन्होंने खुद साइकिल को अपने कंधों पर उठाकर काठमांडू के रास्तों पर लेकर चली गई हैं। काठमांडू से शुरू होकर उनके रास्ते में सालेरी, सुरके, फाकडिंग नामचे बाजार, लोबुचे और अंत में गोरकशेप से होते हुए बेस कैंप तक पहुंचने के लिए चुनौतीपूर्ण रास्तों का सामना किया है।
अपनी बेस कैंप की यात्रा का वीडियो भी दिव्या ने अपने इंस्टाग्राम पर भी साझा किया है। इस वीडियो में दिव्या अपनी साइकिल के बगल में खड़ी हैं और उन्होंने खूबसूरत पहाड़ी के पास भारतीय तिरंगा झंडा पकड़ कर रखा है। उनकी इस उपलब्धि की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है और उन्हें बधाई भी मिल रही है। अपनी इस उपलब्धि से उनके गृह नगर गोरखपुर को भी गौरवान्वित भी किया है और पूरे देश के महत्वाकांक्षी एथलीटों और साहसिक गतिविधियों के शौकीनों को भी प्रेरित कर रही हैं।
गौरतलब है कि सीमित संसाधनों के बाद भी सिंह ने स्थानीय अभ्यास के माध्यम से इस रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि के लिए तैयारी की थी। गोरखपुर जिला अधिकारियों ने विकास भवन से उनके अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उनकी सफलता को भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक खास उपलब्धि के तौर पर मनाया भी गया है।
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