ग्रामीण इलाकों में महिलाएं खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए कई सारे कार्य करती हैं। खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार में महिलाएं किसी न किसी तरह का छोटा- बड़ा व्यवसाय करते हुए खुद को आर्थिक तौर पर प्रबल बना रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है, अमूल्य साबुन का व्यवसाय कर रही एक खास महिला की। बिहार के मुंगेर जिले के कटारिया गांव की महिलाएं बकरी के दूध से साबुन बनाने का व्यापार कर रही हैं। इस साबुन को किसी मशीन से नहीं बल्कि हाथों से साफ और गुणवत्ता के साथ तैयार किया जा रहा है। आइए जानते हैं विस्तार से।
मुंगेर जिले की महिलाएं बकरी के दूध का सही उपयोग करते हुए खुद के लिए एक सफल व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं। बकरी के दूध से नहाने का साबुन बनाकर बेचा जा रहा है। यह साबुन तीन खुशबू में मौजूद है। सबसे बड़ी खूबी इस साबुन की यह है कि महिलाएं बकरी के दूध को 400 किलो रुपए में बेचती हैं। इसके साथ बचे हुए दूध से खुद साबुन बनाती हैं। यह साबुन बनाने से किसी भी तरह पर्यावरण को हानि नहीं पहुंचती है। महिलाएं इससे अच्छा मुनाफा भी कमा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि साबुन बनाने का सफर पांच हजार रुपए से शुरू हुआ था। वर्तमान में महिलाओं का समूह 8 हजार से अधिक साबुन बनाकर बेच रहा है। इससे उनकी कमाई 5 लाख के करीब हो जाती है। इस योजना से हर महिला की महीने में 10 से 15 हजार के बीच की कमाई हो जाती है। हालांकि इन महिलाओं के समूह में से कुछ महिलाओं को साबुन बनाने की ट्रेनिंग भी दी गई है। कई महिलाओं को खासतौर पर दिल्ली में इसके लिए ट्रेनिंग दिया गया है। इस काम से कई महिलाओं को अपने खर्च के लिए परिवार पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है साथ ही कई महिलाएं अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार भी संभाल रही हैं।