यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि कम साधनों के साथ भी ग्रामीण महिलाएं खुद के लिए आजीविका की तलाश कर लेती हैं। इसी फेहरिस्त में एक और नाम शामिल हुआ है। झांसी की 500 महिलाओं का। यह सभी महिलाएं एक खास तरह का पेंट बनाती हैं और इसी से खुद को आर्थिक तौर पर संभाल पाई हैं। आइए जानते हैं विस्तार से।
झांसी जिले के चिरगांव ब्लॉक में महिलाओं ने साथ मिलकर एक नए तरह के बिजनेस की शुरुआत की। आपको बाजार में कई तरह के पेंट मिल जायेंगे, लेकिन क्या आप जानती हैं कि गाय के गोबर से भी पेंट बनाया जा सकता है। जी हां, इन सभी महिलाओं ने साथ में मिलकर गाय के गोबर से पेंट बनाने का काम शुरू किया है। उल्लेखनीय है कि शहरों में इस पेंट की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। इन सभी महिलाओं की मेहनत को देखते हुए चिरगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत गुलारा की गौशाला में गाय के गोबर से पेंट बनाने का प्लांट भी स्थापित किया गया है।
हालांकि इन सभी महिलाओं ने सबसे पहले पेंट बनाने का काम सीखा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत 52 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की 500 से अधिक महिला सदस्यों ने गोवर्धन प्रेरणा महिला लघु उद्योग समिति नाम की कंपनी का निर्माण किया। साल 2025 में इस कंपनी का निर्माण किया गया।
ज्ञात हो कि गाय के गोबर से बने प्राकृतिक पेंट पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और सेहत के लिए भी सही माने जाते हैं। कई बार केमिकल युक्त पेंट से एलर्जी और खांसी की समस्या होती है। महिलाएं गाय के गोबर से बने हुए पेंट की मांग को देखते हुए इसका उत्पादन भी अधिक कर रही हैं। इस प्लांट में एक दिन में लगभग एक हजार लीटर तक पेंट तैयार किया जाता है। शहर के साथ देश के कई हिस्सों में भी इस पेंट को ब्रिकी के लिए भेजा जा रहा है।