सर्दी का समय और मकर संक्रांति के साथ तिल का मौसम भी आ जाता है। तिल के लड्डू से लेकर तिल से जुड़ी हर चीज को इस खास दिन पर स्पेशल बनाया जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि तिल के लड्डू के अलावा आप कई स्वादिष्ट और सेहतमंद और अनोखी डिश बनाई जाती है। उल्लेखनीय है कि तिल पोषक तत्वों का खजाना है। तिल में कैल्शियम, आयरन, फाइबर और प्रोटीन के साथ भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं तिल से बनने वाली रेसिपी के बारे में।
तिल की चटनी

तिल की चटनी आपके खाने का स्वाद चार गुना बढ़ा सकता है। इस तिल की चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले सफेद या काले तिल को आधा कप की मात्रा में लें। इसके साथ 2 सूखी हुई लाल मिर्च भी लें और साथ ही 4 से 5 लहसुन की कलियां और चटनी का स्वाद बढ़ाने के लिए इमली या भी नींबू का रस भी मिलाएं। नमक स्वादानुसार लें। इस चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले तिल को हल्का सा सूखा भून लें और ध्यान दें कि तिल जलना नहीं चाहिए। मध्यम आंच पर आपको तिल को गर्म करना हैथ। अगर आपने तेज आंच पर तिल को भूनते हैं, तो इससे तिल का स्वाद कड़वा हो जाता है। फिलहाल, आपको तिल को हल्का-सा भून लेना है और फिर मिक्सर में भुने हुए तिल, लाल मिर्च, लहसुन, नमक और इमली डालकर इसे पीस लें। जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाएं। आप इस चटनी का सेवन दाल-चावल या फिर रोटी और पराठे के साथ इसका सेवन कर सकती हैं। साथ ही लंबे समय तक फ्रिज में इसे स्टोर किया जा सकता है।
तिल की बर्फी

आप अपने लिए खासतौर पर तिल की बर्फी भी बना सकती हैं। अगर आप तिल के लड्डू को इस बार त्योहार के लिए शामिल नहीं करना चाहती हैं, तो आर तिल की बर्फी तैयार कर सकती हैं। इसे बनाने के लिए आपको सफेद तिल को हल्का भूनकर दरदरा पीस लें। एक पैन में गुड़ पिघलने और उसमें तिल का पाउडर डालकर अच्छी तरह इसे मिलाएं। इलायची पाउडर भी मिलाएं। आपको मिश्रण गाढ़ा होने तक इसे पकाना है और फिर एक थाली में घी अच्छी तरह से फैलाकर ठंडा होने दें। बाद में आप मनचाहे आकार में इसे काट लें।
तिल और मूंगफली की नमकीन

आप अपने लिए खास तरह की तिल और मूंगफली की नमकीन बना सकती हैं। इसे बनाने के लिए पैन में थोड़ा-सा तेल गर्म करें। पहले मूंगफली भूनने और फिर तिल डालें। करी पत्ता, नमक और मिर्च पाउडर डालकर आपको इसे अच्छी तरह से मिलाना है। ठंडा होने पर उसे एक एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रख दें।
तिल की रोटी और पराठा
आप तिल की रोटी या फिर पराठा भी बना सकती हैं। इसे बनाना भी बेहद आसान है। इसे बनाने के लिए आपको आटे में तिल और नमक मिलाकर नरम आटा गूंथ लेना है और फिर आपको एक सामान्य रोटी या पराठे की तरह उसे बेल कर तवे पर सेक लेना है। आप इस रोटी या पराठे का सेवन अपनी पसंद की सब्जी, पराठा या फिर चटनी के साथ इसका सेवन कर सकती हैं। यह सर्दी के मौसम में काफी फायदेमंद होता है। यह आपके शरीर को गर्म रखता है। कैल्शियम से भरपूर होता है।
तिल की खीर बनाने की रेसिपी

तिल की खीर भी आपके खाने के स्वाद को बढ़ा देती है। तिल की खीर बनाना भी बेहद आसान है। इसे बनाने के लिए आपको तिल को भूनकर बारीक पीस लेना है और फिर दूध को उबाल लेना है और उसमें तिल का पेस्ट डालना है। आपको धीमी आंच पर इसे पकाना है। आप मिठास के लिए गुड़ या फिर चीनी भी डाल सकती हैं। इलायची और ड्राई फ्रूट्स भी आपके खीर के स्वाद को बढ़ा सकती हैं। यह खासतौर पर बच्चों के लिए पौष्टिक होता है। यह सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देता है। और पारंपरिक खीर से बिल्कुल अलग और स्वाद से भरा होता है।
तिल की मलाईदार सब्जी

आप तिल के साथ एक मलाईदार सब्जी भी बना सकती हैं। इसे बनाने के लिए सफेद तिल को भूनकर अच्छी तरह से पीस लें। इसके बाद पैन में तेल गर्म करें और प्याज और लहसुन को भून लें। फिर टमाटर डालें और तिल का पेस्ट मिलाएं। आप अपने पसंद की सब्जी भी मिला सकती हैं। लौकी, पनीर और आलू को मिला सकती हैं। आपको इन सभी सब्जी को मिलाकर इसे पकाना है और हल्दी के साथ धनिया पाउडर और गरम मसाला भी मिलाना है।
तिल और गुड़ का केक बनाने के रेसिपी
आप बिना ओवन और बिना मैदा के साथ इस रेसिपी को बना सकती हैं। इसे बनाने के लिए आपको आधा कप तिल, गुड़, गेहूं का आटा, दूध और बेकिंग सोडा भी चुटकी भर मिलाएं। इस सभी चीजों को मिलाकर आपको पैन या कुकर में धीमी आंच पर पकाएं।
तिल की ठंडाई
आप तिल के साथ ठंडाई भी बना सकती हैं। इसे बनाना बेहद आसान है। इसे बनाना बेहद आसान है। इस ठंडाई को बनाने के लिए तिल के साथ दूध और स्वाद के अनुसार गुड़ या शहद मिलाएं और इलायची पाउडर डालना न भूलें। आप इन सबको पीसकर उबालें और ठंडा करके सेवन कर सकती हैं।
तिल की डिश से जुड़ी सावधानियां

तिल से जुड़ी हुई कोई भी डिश बनाई जा सकती है। लेकिन आपको इसके लिए कुछ जरूरी सावधानी रखना जरूरी है। कच्चा तिल पचाने में भारी होता है। हल्का भूनने से उसका स्वाद और खुशबू बढ़ जाती है। इससे पाचन बेहतर होता है। धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। तिल की तासीर गर्म होती है। ज्यादा तिल खाने से पेट में जलन, मुंह में छाले, कब्ज या गैस की समस्या हो सकती है। पूरे दिन में एक से 2 चम्मच तिल पर्याप्त होता है। तिल की तासीर गर्म इसलिए गर्म तासीर वालों को हमेशा सावधानी से इसका सेवन करना चाहिए। हमेशा बच्चों और बुर्जुगों को तिल का सेवन करने के लिए उसे पीस कर या फिर खीर और चटनी के तौर पर दें। साबुत तिल चबाने में दिक्कत आ सकती है।