बरसात के मौसम में सबसे अधिक परेशानी इस बात की होती है कि आखिर कैसे हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए। इसके लिए आप कुछ जरूरी चीजों का सेवन खासतौर पर बारिश के मौसम में कर सकती हैं और अपने रोग प्रतिरोक्षक क्षमता को बढ़ा सकती हैं। बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और ताजगी तो लाता है, लेकिन नमी और मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण, सर्दी-खांसी, गले में खराश और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में संतुलित आहार और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद कर सकते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं डायटीशियन अमिता तांबेकर से।
अदरक के सेवन का फायदा

अमिता कहती हैं कि अदरक में जिंजरॉल नामक प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है, जिसमें सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इसका यह फायदा होता है कि अदरक एक तरह से गले को आराम पहुंचाने में मदद कर सकता है। इसके साथ शरीर में सूजन कम करने में सहायक हो सकता है और पाचन सुधारने और गैस, अपच तथा मतली से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। शरीर को हल्की गर्माहट देकर मौसम के बदलाव में आरामदायक महसूस करा सकता है। अदरक की चाय, सूप, काढ़े या सब्जियों में मिलाकर।
तुलसी का सेवन करने का फायदा

तुलसी में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग देते हैं। इसका फायदा यह होता है कि तुलसी रोग प्रतिरोधक प्रणाली को बेहतर कार्य करने में सहायता कर सकती है। गले की खराश और मौसमी असहजता में आराम पहुंचा सकती है। एंटीऑक्सीडेंट गुण कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं। इसकी सुगंध मानसिक तनाव कम करने और ताजगी का एहसास कराने में भी सहायक हो सकती है। आर गकस5–6 ताजी पत्तियां चबाएं या चाय में डालकर पिएं।
आंवला के सेवन का फायदा

आंवला, अमरूद, संतरा, मौसंबी और नींबू में विटामिन सी होता है। इसका यह फायदा होता है कि आंवला एक तरह से रोग प्रतिरक्षा कोशिकाओं के सामान्य कार्य में मदद करता है। शरीर को संक्रमणों से लड़ने में सहयोग देता है। घाव भरने में मदद करता है। कोलेजन बनने में सहायक होने के कारण त्वचा और मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कोशिकाओं की सुरक्षा करता है। आप यह कर सकती हैं कि ताजे फल, आंवले का रस या नींबू पानी के रूप में।
दही (यदि शरीर को सूट करें)

अमिता कहती है कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। इसका यह फायदा होता है कि यह आपके Gut Health को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। पाचन को सुधारने में सहायक हो सकता है।शरीर में पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण (Absorption) में मदद करता है। प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत होने के कारण हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी लाभदायक है। सेहतमंद आंत, बेहतर प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी होती है। आपको यह ध्यान रखना है कि ताजा दही या छाछ के रूप में। यदि सर्दी, गले में तकलीफ हो या दही आपको सूट न करता हो, तो सेवन सीमित रखें।
बादाम, अखरोट और बीज

बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और अलसी के बीज में कई तरह के विटामिन होते हैं। इसका यह फायदा होता है कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सहयोग देते हैं। सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं।लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार अनहेल्दी स्नैकिंग कम हो सकती है। त्वचा और बालों के स्वास्थ्य को भी सहयोग देते हैं।
याद रखें कि संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, मौसमी फल-सब्जियां, अच्छी नींद, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी और व्यक्तिगत स्वच्छता ये सभी मिलकर शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखते हैं।