मसालों को फ्रेश रखने के कई तरीके हो सकते हैं, आइए जानें विस्तार से।
मसालों का महत्व इसलिए है क्योंकि ये आपके व्यंजनों में स्वाद बढ़ाते हैं। हालांकि, अगर मसालों को सही तरीके से स्टोर न किया जाए या उनकी एक्सपायरी डेट निकल जाए, तो उनका स्वाद बुरी तरह बदल सकता है, जिससे आपके खाने का स्वाद खराब हो सकता है। मसालों को सही तरीके से स्टोर और इस्तेमाल करके आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके व्यंजनों का स्वाद हमेशा ताज़ा और स्वादिष्ट बना रहे।
गर्मी और नमी से बचाएं

अगर गर्मी और नमी की बात करें, तो मसालों को सीधे चूल्हे के ऊपर या डिशवॉशर के पास न रखें, क्योंकि गर्मी और नमी से मसाले गुच्छे बन जाते हैं, फफूंदी लग जाती है और उनका स्वाद खराब हो जाता है। इसलिए गर्मी और नमी को हमेशा बचाने की कोशिश करें और इस नमी से बचने के लिए आपको कुछ अच्छे उपाय करने ही चाहिए, ताकि चीजें अच्छी तरह से चलें और आपके खरीदे मसालें कभी भी खराब न हो।
एयर टाइट डिब्बे हैं बेस्ट
एयर टाइट डिब्बों को हमेशा अपने पास रखना जरूरी है, क्योंकि यह बेहद अच्छे होते हैं और गंदगी को दूर रखते हैं और मसालों को किसी भी तरह की सीलन से रोकते हैं, इसलिए इस बात का ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि आप अच्छे एयर टाइट डिब्बों का उपयोग करें और तेलों को पराबैंगनी किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए, कसकर बंद ढक्कन वाले कांच के जार का उपयोग करें और उन्हें किसी अंधेरी अलमारी में रखें। इससे आपके मसाले हमेशा फ्रेश ही दिखेंगे।
पीसने के बजाय साबुत मसाले खरीदें

एक बात का आपको खास ख्याल यह भी रखना है कि आपको मसालों को खरीदने के समय कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए। जैसे कि बेहतर सुगंध और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए, साबुत मसाले खरीदें और उपयोग करने से ठीक पहले पीसें। इसलिए इन चीजों को बहुत ध्यान में रखें कि मसालों को जितने अच्छे से रखेंगे, मसालें उतने ही बेहतर होंगे, इसलिए साबुत मसालों को खरीदने के बारे में जरूर सोचें। जब भी संभव हो, साबुत मसाले, जैसे काली मिर्च, जीरा और दालचीनी को खरीदने की कोशिश करें और इस बात का खास ख्याल रखें कि ये 2-4 साल तक चलते हैं, जबकि पिसे हुए मसाले 6-12 महीनों के बाद अपनी शक्ति काफी हद तक खोने लगते हैं।
सीधे न हिलाएं
एक बात और आपको समझ आनी चाहिए कि उबलते बर्तनों के ऊपर मसालों को सीधे न हिलाएं, बल्कि जार में नमी जाने से रोकने के लिए, उन्हें निकालने के लिए एक सूखे चम्मच का उपयोग करें। साथ ही इन्हें आपस में मिलाने से बचें, क्योंकि अगर पुराने और नए मसाले आपस में मिल जायेंगे, तो इससे मसाले जल्दी खराब हो जायेंगे, क्योंकि प्रदूषण से बचने के लिए पुराने मसालों को नए मसालों के साथ नहीं मिलाना अच्छा होता है ।
लेबल लगाएं
इस बात का ध्यान दें कि आपने जो लेबल जार पर लगाया है, वह वैसे ही रहें, कोई और लेबल वाले जार में किसी और मसाले को डालेंगी, तब भी आपको परेशानी हो सकती है। जार पर खरीद या खोलने की तारीख लिखें, ताकि आपको पता रहे कि उन्हें कब बदलना है। साथ ही इन्हें तेज गंध से दूर रखें, क्योंकि मसालों के स्वाद में इससे भी काफी फर्क पड़ता है और साथ ही साथ इस बात का तो खास ख्याल रखें कि मसालों को लहसुन या कॉफी जैसी तीखी गंध वाली चीजों के पास न रखें।
समझें इस बात को भी

आपको इस बात को समझना जरूरी है कि मसालों में मौजूद रासायनिक यौगिकों को संरक्षित रखने के लिए स्थिर, कम धूप वाला वातावरण बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही सही तापमान नियंत्रण भी जरूरी है मसालों को 15–24°C (60–75°F) के बीच स्टोर करें। स्टोव, ओवन या डिशवॉशर जैसे ऊष्मा स्रोतों के पास रखने से बचें, क्योंकि उच्च तापमान ऑक्सीकरण और स्वाद में कमी को तेज कर देता है। वहीं प्रकाश से सुरक्षा रखना भी जरूरी है और साथ ही यह समझना भी जरूरी है कि पराबैंगनी किरणें आवश्यक तेलों को नष्ट कर देती हैं और मसालों का रंग फीका कर देती हैं। काउंटर पर रखते समय अपारदर्शी जार या धातु के डिब्बे का उपयोग करें या पारदर्शी जार को बंद दराज या अलमारी में रखें। वहीं नमी से बचाव करना भी एक बेहद जरूरी काम है, जो आपको यह समझना जरूरी है कि रिलेटिव ह्यूमिडिटी आपको केवल 40–60 के बीच ही रखनी चाहिए। साथ ही यह भी समझना होगा कि आपके मसाले जम न जाएं या इसमें फंगस या फफूंदी न लगे, तो इसको बचाने के लिए आपको मसालों को सिंक से दूर रखें और उन्हें सीधे भाप वाले बर्तनों के ऊपर न हिलाएं।
फ्रिज में रखना सही या नहीं
इस बात को भी आपको अच्छे से समझने की जरूरत है कि आपको अधिकांश सूखे मसालों को फ्रिज में नहीं रखने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि इससे नमी उत्पन्न होती है। हालांकि, लाल मिर्च पाउडर और पेपरिका को अत्यधिक गर्म और आर्द्र जलवायु में फ्रिज में रखने से कीड़ों से बचाव होता है और उनका रंग बरकरार रहता है।