डायबिटीज को लेकर हमेशा ही सभी चिंतित रहते हैं कि इसमें खान-पान कैसा हो, तो आइए कुछ लोकप्रिय चीजों के बारे में जान लें, जो डायबिटीज में खाई जा सकती है।
क्या है मधुमेह आहार

मधुमेह आहार का सीधा-सा मतलब है कि स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थों को सीमित मात्रा में खाना और नियमित भोजन के समय का पालन करना। यह एक स्वस्थ आहार योजना है, जो प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों से भरपूर और वसा व कैलोरी में कम होती है। इसके मुख्य तत्व फल, सब्जियां और साबुत अनाज हैं।
योजना बनानी क्यों है जरूरी
बता दें कि अगर आपको मधुमेह या प्रीडायबिटीज है, तो आपके लिए बेहद जरूरी है कि आप डायट प्लान के अनुसार खाना खाएं। दरअसल, जब आप अतिरिक्त कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट खाती हैं, तो आपका ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। यदि ब्लड शुगर को नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो यह गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इन समस्याओं में उच्च रक्त शर्करा स्तर, जिसे हाइपरग्लाइसेमिया कहा जाता है शामिल है। यदि यह उच्च स्तर लंबे समय तक बना रहता है, तो यह कई तरह की परेशानी खड़ा कर सकता है, इसलिए आप अपने रक्त शर्करा के स्तर को सुरक्षित सीमा में रखने में मदद कर सकते हैं। स्वस्थ भोजन चुनें और अपनी खान-पान की आदतों पर नजर रखें। अगर बात टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित अधिकांश लोगों के लिए होती है, तो वजन कम करने से रक्त शर्करा को नियंत्रित करना भी आसान हो सकता है। वजन कम करने से कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। अगर आपको वजन कम करना है, तो एक स्वस्थ आहार योजना आपके लक्ष्य तक सुरक्षित रूप से पहुंचने का एक सुव्यवस्थित और पौष्टिक तरीका प्रदान करती है। साथ ही आपको ध्यान रखना है कि आपको उच्च वसा वाले डेयरी उत्पादों और पशु प्रोटीन जैसे मक्खन और ऐसी चीजों से बचना चाहिए। साथ ही नारियल और पाम कर्नेल तेल का सेवन सीमित करें। आपको लगभग हर दिन 200 मिलीग्राम (मिलीग्राम) से अधिक कोलेस्ट्रॉल का सेवन न करने का लक्ष्य रखना चाहिए। वहीं प्रतिदिन 2,300 मिलीग्राम से अधिक सोडियम का सेवन न करने का लक्ष्य रखें।
प्लेट ऐसे तैयार करें

डायबिटीज को मेंटेन करने में काफी मदद करती है प्लेट सिस्टम। इसमें आपको अपनी प्लेट का आधा हिस्सा पालक, गाजर और टमाटर जैसी बिना स्टार्च वाली सब्जियों से भरना है। वहीं अपनी प्लेट का एक चौथाई हिस्सा लीन प्रोटीन से भरना है और आखिरी चौथाई हिस्सा कार्बोहाइड्रेट, जैसे ब्राउन राइस या स्टार्च वाली सब्जी, जैसे हरी मटर से भरना है, अगर बात गुड फैट्स की होती है, तो मेवे या एवोकाडो, कम मात्रा में शामिल करें। और साथ ही में एक फल या डेयरी उत्पाद की एक सर्विंग और पानी या बिना चीनी वाली चाय या कॉफी पीने की आदत शामिल करें। साथ ही एक बात का ध्यान रखना है कि कार्बोहाइड्रेट शुगर में ब्रेक होते हैं, इसलिए ब्लड शुगर के स्तर पर इनका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। अपने ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद के लिए, आपको किसी आहार विशेषज्ञ की मदद से यह पता लगाना सीखना होगा कि आप कितने कार्बोहाइड्रेट खा रही हैं। दरअसल, आपको अपने हर भोजन या नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पर नजर और नियंत्रण रखना जरूरी है।
मेवे और बीज से बने डिशेज

आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन मेवे और बीज यानी कि सीड्स से बनी कुछ चीजें हैं, जो अमूमन लोगों को पता नहीं होता है, लेकिन काफी टेस्टी होता है और लोगों को खा लेना चाहिए। इसके लिए आपको अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती है, आसानी से यह सबकुछ उपलब्ध होते है और इनसे बनी चीजें खाने में भी मजेदार होती हैं, जैसे बादाम, अखरोट और कद्दू के बीज हेल्दी फैट्स, फाइबर और प्रोटीन खाने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि यह सबकुछ आपको ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में काफी मदद करते हैं।
फल और सब्जियों वाले डिशेज
अब अगर बात करें कि फल और सब्जियों की, तो फल और सब्जियां भी काफी अच्छी होती हैं, जिन्हें खाया जा सकता है और इनके डिशेज को भी लोगों को खाने की कोशिश करनी चाहिए। अब अगर बेरी, सेब और नाशपाती जैसे फल की बात करें, तो इनसे कई तरह के सलाद बनाये जा सकते हैं और खाये जा सकते हैं, इसलिए यह अच्छे विकल्प माने जाते हैं। फिर अगर सब्जियों की बात करें, तो गाजर, खीरा और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां भी अच्छे विकल्प हैं, इन सबकी बनी डिशेज जैसे हलवा, सब्जी और सलाद भी शौक से खाये जा सकते हैं। यह सारी सब्जियां और फल आपको डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करेंगे।
डेयरी और साबुत अनाज

अब अगर बात डेयरी प्रोडक्ट्स की है, तो ग्रीक योगर्ट और पनीर प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं, और इन्हें संतुलित नाश्ते के लिए फलों के साथ लिया जा सकता है। साबुत अनाज की बात करें, तो दलिया, साबुत अनाज के क्रैकर्स और पॉपकॉर्न में फाइबर और जटिल कार्बोहाइड्रेट प्रदान करते हैं जो धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, साथ ही अनाजों में रागी और बाकी चीजों के चिले खाने में जबरदस्त लगते हैं और हेल्दी तो होते ही हैं।
अंडे के आयटम्स
अंडा एक ऐसा चीज है, जिससे हमें आसानी से खाने में शामिल करना चाहिए, साथ ही इससे बनने वाली डिशेज भी आसानी से बन जाती हैं और कोई दिक्कत नहीं होती है, इसलिए आपको अंडे से बनने वाले सारे डिशेज जैसे ऑमलेट, पोंछ, हाफ बॉयल्ड अंडा और अंडा करी जैसी चीजों को खाने के बारे में सोचना चाहिए।
अन्य आयटम्स
अगर अन्य आयटम्स की बात करें, तो एवोकाडो वाले सैंडविच भी खाने में काफी अच्छे लगते हैं और इन्हें बनाना आसान होता है और खास बात यह है कि काफी आराम से इससे बनने वाली चीजें खाई जा सकती हैं। इनके अलावा, भुने हुए छोले, जो होते हैं वह फाइबर और प्रोटीन से भरपूर एक कुरकुरा और संतोषजनक नाश्ता बनता है। वहीं अंकुरित मूंग से हल्का और पेट भरने वाला नाश्ता बनाया जा सकता है और खासकर जब सब्जियों के साथ मिलाकर खाया जाए। फिर बात आती है कि भुने हुए मखाने की, तो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक कम कैलोरी वाला नाश्ता भी खाया जा सकता है। और साथ ही साथ वेजिटेबल उपमा भी हेल्दी विकल्प है। रागी से बना खाना भी अच्छा होता है और यह फाइबर और कार्बोहाइड्रेट का एक अच्छा स्रोत है। साथ ही साथ अगर आप अलसी और मेवों के साथ दही लेंगी, तो भी यह एक अच्छा प्रोटीन साबित होता है और प्रोबायोटिक युक्त नाश्ता कहलाता है। फिर अगर बात घर पर बने सब्जी के सूप की करें, तो यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और बहुत अच्छे से मेंटेन करता है वजन और शुगर को।
महत्वपूर्ण बातें जो ध्यान में रखनी है

जब भी बात आती है कि डायबिटीज में किस तरह से पोर्शन को कंट्रोल किया जाए, तो कुछ तरीके अपनाये जा सकते हैं, जिनमें मात्रा पर नियंत्रण रखना महत्वपूर्ण है, फिर कैलोरी या कार्बोहाइड्रेट के अत्यधिक सेवन से बचने के लिए, विशेष रूप से मेवों और फलों के मामले में भी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। फिर आपको लेबल पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए, फिर पैकेज्ड स्नैक्स में चीनी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। फिर प्रोटीन और फाइबर का संयोजन करना चाहिए, जो कि इस पाचन को धीमा करने और रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। आपको हमेशा ऐसे स्नैक्स चुनें जो आपकी भूख को संतुष्ट करें,