गर्मी के साथ बच्चों का वेकेशन भी शुरू हो गया है और इसी के साथ बच्चों को अपनी स्किल को बढ़ाने का भी एक खास अवसर मिल जाता है। कहते हैं कि कहानी और किताबों से अच्छा दोस्त बच्चों के लिए कोई दूसरा नहीं होता है। ऐसे में आपके बच्चों के वेकेशन को खास बनाने के लिए हम बता रहे हैं, 5 ऐसी किताबें, जो कि बच्चों को जरूरी एक दफा पढ़नी चाहिए और अपने जीवन में उतारनी चाहिए।
गुनाहों का देवता की समीक्षा

हिंदी की सबसे लोकप्रिय किताबों में गुनाहों का देवता का नाम शामिल है। प्रेम,त्याग और सामाजिक बंधनों के बीच उलझों की कहानी गुनाहों का देवता में दिखाई देती है। चंदन और सुधा के रिश्तों पर आधारित इस किताब की पूरी कहानी है। सामाजिक मर्यादाएं, संस्कार और कठिन हालातों के बीच प्रेम को स्वीकार नहीं कर पाना, यही इस कहानी के मुख्य केंद्र में है। अधूरा प्रेम, त्याग और कर्तव्य के बीच आत्मसंघर्ष गुनाहों का देवता को आपके जीवन में उतार देता है। हिंदी में होते हुए भी बेहद सरल भाषा में इस किताब को धर्मवीर भारती ने लिखा है, जो इलाहाबाद के मध्यवर्गीय समाज की पृष्ठभूमि पर आधारित है। सरल भाषा के साथ इस किताब को इस तरह लिखा गया है कि यह पाठकों के मन में गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि आप गहरी और भावनात्मक कहानियों को पसंद करती हैं, तो आपको एक बार जरूर इस किताब को पढ़ना चाहिए।
राग दरबारी किताब की समीक्षा विस्तार से

श्रीलाल शुक्ल की लिखी हुई राग दरबारी एक बेहद खास किताब है। यह हिंदी साहित्य का सबसे व्यंग्य उपन्यास माना जाता है, जो कि एक तरह से भारतीय ग्रामीण समाज, राजनीति और व्यवस्था की गहराइयों को हास्य लहजे में दिखाता है। इस कहानी के केंद्र में शिवपालगंज नाम का एक गांव है, जहां पर भ्रष्टाचार के साथ स्वार्थ का संसार दिखाया गया है। इस कहानी का मुख्य किरदार रंगनाथ है, जो कि एक पढ़ा- लिखा युवक है, जो कि गांव आता है और वहां के लोगों के साथ हालातों को समझने की कोशिश करता है। लेकिन उसे इस बात का अहसास होता है कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं है, राजनीति में जोड़-तोड़ लगता है और अंत में समाज सच से अधिक जुगाड़ से चलता है। इस किताब में दिखाया गया है कि कैसे भ्रष्टाचार पूरी गांव की व्यवस्था को बिगाड़ देता है। सत्ता और राजनीति के साथ सामाजिक दिखावा भी इस किताब में दिखाया गया है। इस किताब को व्यंग स्टाइल में लिखा गया है, जो कि इसे पठनीय बनाता है और हर पन्ने के साथ आप इस किताब से जुड़ते चले जाते हैं। ग्रामीण बोली और स्थानीय रंग का शानदार उपयोग इस कहानी में किया गया है। इस किताब की सबसे बड़ी खूबी यह है कि भारतीय गांव के जीवन को साफ तरीके से बयां किया गया है। यह उपन्यास बताता है कि कैसे राजनीति सामान्य जीवन का हिस्सा बन जाती है।
तमस की समीक्षा विस्तार से

भीष्म सहानी की लिखी हुई किताब तमस एक प्रभावकारी और लोकप्रिय किताब है। विभाजन के दौरान हुई हिंसा,डर और मानवीय भावनाओं को सच्चाई के साथ प्रस्तुत करता है। इस कहानी का सार यह है कि यह पूरी तरह से विभाजन के दौरान हुई घटनाओं पर आधारित है। धर्म और सांप्रदायिक तनाव इस कहानी को प्रमुख तौर पर दिखाती है। यह उपन्यास दिखाया है कि कैसे हिंदू-मुस्लिम तनाव धीरे-धीरे पूरे समाज को जला देता है। लोग व्यक्तिगत सोच छोड़कर भीड़ के साथ बह जाते हैं और हिंसा का हिस्सा बन जाते हैं। राजनीतिक लोग धर्म और भावनाओं का उपयोग अपने फायदे के लिए करते हैं। कई पात्रों में इंसानियत और हिंसा के बीच का आंतरिक संघर्ष दिखता है। सरल भाषा में प्रभावशाली तरीके से लिखी हुई तमस एक सच्ची और दर्दनाक चित्र पेश करती है।
कठगुलाब की समीक्षा विस्तार से

मृदुला गर्ग की लिखी हुई किताब कठगुलाब हिंदी साहित्य में खास जगह रखती है। यह उपन्यास हिंदी साहित्य में महिला आजादी,संबंधों की जटिलता और सामाजिक बंधनों पर आधारित एक साहसिक रचना मानी गई है। इस किताब में पारंपरिक सोच और आधुनिक जीवन को दिखाया गया है। कठगुलाब की कहानी मुख्य रूप से एक महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने जीवन, रिश्तों और इच्छाओं को समाज की तय सीमाओं से बाहर जाकर समझना चाहती है। इस उपन्यास में दिखाया गया है कि एक महिला अपनी पहचान को खोजती है। इसके साथ प्रेम, विवाह और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच उसे संघर्ष का भी सामना करना पड़ता है और उसके जीवन में सही और गलत की पारंपरिक परिभाषाएं टूटने लगती है। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस हर व्यक्ति की है जो समाज की रूढ़ियों से बाहर सोचने की कोशिश करता है। इस उपन्यास की सबसे बड़ी खूबी एक महिला का खुद के लिए फैसला लेना है। आजादी का है। इसलिए एक बार जरूर इस किताब को पढ़ा जाना चाहिए।
आपका बंटी किताब की समीक्षा विस्तार से
मन्नू भंडारी का लिखा हुआ यह उपन्यास बेहद खास है। यह हिंदी साहित्य का एक बेहद संवेदनशील उपन्यास है, जो परिवार, तलाक और एक बच्चे के मानसिक संसार को बहुत गहराई से दिखाता है।आपका बंटी की कहानी एक छोटे बच्चे बंटी के इर्द-गिर्द घूमती है। उसके माता-पिता, किरण और अजय, आपसी मतभेदों के कारण अलग हो जाते हैं। तलाक के बाद बंटी किसी एक घर में स्थायी रूप से नहीं रह पाता। वह कभी माँ के पास, कभी पिता के पास रहता है। यह उपन्यास दिखाता है कि तलाक सिर्फ पति-पत्नी का अलग होना नहीं, बल्कि पूरे परिवार को भावनात्मक तौर पर तोड़ देता है। बंटी बार-बार यह महसूस करता है कि “मेरा घर कौन सा है?”यह उसकी पहचान और सुरक्षा की भावना को कमजोर करता है। उपन्यास आधुनिक जीवन में रिश्तों के बदलते स्वरूप और उनके परिणामों को उजागर करता है।आपका बंटी केवल एक पारिवारिक कहानी नहीं है, बल्कि यह एक बच्चे की नजर से टूटते रिश्तों की सच्ची और दर्दनाक तस्वीर है।