क्रोशिया या क्रोशे इन दिनों फिर से चर्चे में है, क्योंकि न सिर्फ फैशन के रूप में, बल्कि महिलाओं के लिए यह व्यवसाय के लिहाज से भी बड़ा रूप ले चुका है। आइए जानते हैं विस्तार से।
क्रोशिया की खासियत

क्रोशे का व्यवसाय शुरू करने से महिलाओं को हस्तनिर्मित फैशन, घरेलू सजावट का सामान या डिजिटल पैटर्न को कई स्थानीय बाजारों जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचकर आय अर्जित करने का एक फ्लेक्सबल और कम लागत वाला अवसर माना जाने लगा है और अचानक से छोटे शहरों में महिलाओं ने लगातार इसको व्यवसाय का रूप देना शुरू कर दिया है, वजह यही है कि यह फैशन में भी रिटर्न आ गया है और गिफ्टिंग के रूप के रूप में भी इसे देना पसंद कर रहे हैं लोग। दरअसल, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि लोकप्रिय, उच्च मांग वाले और जल्दी बनने वाले आइटम, जैसे कि बच्चों के सामान या ट्रेंडी एक्सेसरीज की पहचान की जाए, साथ ही मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया जाए। इसलिए एक बार फिर से यह दादी-नानी के जमाने का काम महिलाओं ने शुरू कर दिया है और जम कर यह काम कर रही हैं।
बाजार के अवसर और विशिष्ट क्षेत्र

अगर हम वैश्विक बाजार की बात करें, तो क्रोशे और बुनाई बाजार काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं और वर्ष 2030 तक महत्वपूर्ण मूल्य तक पहुंचने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण बड़े पैमाने पर उत्पादित वस्तुओं से हटकर व्यक्तिगत और नैतिक उत्पादों की ओर बढ़ता रुझान है। बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए, एक लाभदायक विशिष्ट क्षेत्र चुनना आवश्यक है, आजकल बच्चों के जन्म पर इन्हें खूब उपहार के रूप में दिया जा रहा है और उत्पादों के कारण इन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। इनके अमीगुरुमी खिलौने और स्वेटर सबसे अधिक बिकने वाले उत्पाद हैं। इनके अलावा, अगर फैशन की बात करें, तो इसके बैगक्लच, टोट बैग, स्कार्फ और बीनी और आभूषण भी काफी पसंद किये जा रहे हैं। इनके अलावा, घर की सजावट के लिए वॉल हैंगिंग, प्लांट होल्डर, कुशन कवर और कोस्टर पसंद किये जा रहे हैं, तो डिजिटल उत्पाद के रूप में
अपने स्वयं के क्रोशे पैटर्न बेचना या वर्कशॉप करना भी काफी अच्छा विकल्प हो चुका है। बता दें कि इनके वर्कशॉप्स कम लागत के साथ अत्यधिक लाभ कमाने वाला तरीका बन सकता है।
फैशन के रूप में खास

इस बात को समझना भी जरूरी है कि क्रोशे एक पारंपरिक शिल्प से विकसित होकर एक प्रमुख वैश्विक फैशन आंदोलन बन गया है, जिसका मूल्य 2024 में 1.68 बिलियन डॉलर से अधिक था और 2030 तक 2.1 बिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। इसका पुनरुत्थान Gen Z की "इट-गर्ल" की एसथेटिक, मशहूर हस्तियों के प्रभाव और टिकाऊ स्लो फैशन की ओर उपभोक्ताओं के महत्वपूर्ण बदलाव के अनूठे मिश्रण से प्रेरित है।
फैशन में है क्रोशिया
अगर हम फैशन की बात करें, तो आजकल के फैशन में साधारण बीचवियर से हटकर कुछ खास एकदम अलग शानदार करने की बात करें, तो क्रोशिया लुक महिलाएं कूल मानने लगी हैं और साल भर पहने जाने वाले परिधानों का चलन बढ़ रहा है। इनमें "हस्तनिर्मित" परिधानों का दबदबा बढ़ा है और क्रोशे से बनी ड्रेस सबसे लोकप्रिय ट्रेंड हैं, जिनकी वैश्विक बिक्री अकेले 2023 में 28 लाख से अधिक यूनिट्स तक पहुंच गयी, इस बात को आप जरूर समझें। उल्लेखनीय उदाहरणों की अगर बात की जाए, तो सेलेना गोमेज की 2024 के ‘लव ऑन’ संगीत वीडियो में पहनी गई इंद्रधनुषी ड्रेस शामिल है, जिन्हें काफी पसंद किया जाता रहा है और खूब पहना भी जा रहा है, उनके ट्रेंड को फॉलो करते है, इस बात को भी समझें कि ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए आधुनिक ग्रैनी स्क्वेयर पैटर्न भी एक शानदार तरीका हो गया है कि क्लासिक डिजाइन को समकालीन बनाया जा रहा है, जैसे जियोमेट्री पैटर्न में ढालकर स्ट्रक्चर्ड वेस्ट, टेलर्ड स्कर्ट और यहां तक कि ग्रैनी चिक ‘ब्लेजर’ भी बनाए जा रहे हैं।
स्टेटमेंट भी बना है

वहीं स्टेटमेंट एक्सेसरीज की बात करें, तो क्रोशे बैग (ओवरसाइज्ड, टोट बैग, राफिया क्लच) और बकेट हैट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। साथ ही एथलीजर और हाइब्रिड स्टाइल भी 2026 के लिए, डिजाइनर क्रोशे को स्पोर्टी सिल्हूट में शामिल कर रहे हैं, जैसे क्रॉप टॉप, हेडबैंड और यहां तक कि क्रोशे डिटेलिंग वाले स्नीकर्स, काफी अच्छे रहे हैं और साथ ही मौसमी विविधता को भी ध्यान में रखते हुए इन्हें पसंद किया जा रहा है, इसके ब्लैंक हैट भी काफी लोकप्रिय रहे हैं। आजकल पतझड़/सर्दियों के लिए मोटे, बड़े आकार के स्वेटर और कार्डिगन का चलन बढ़ रहा है, जिससे यह शिल्प अब केवल गर्मियों तक ही सीमित नहीं रह गया है।
ट्रेंड क्यों बना, जानें इस ट्रेंड को

यह चलन क्यों बना यह समझना जरूरी है। दरअसल, अगर गौर करें, तो सस्टेनेबल और एथिकल होने के कारण भी इसकी डिमांड बढ़ गई है। साथ ही इसे अन्य कई अन्य कपड़ों के विपरीत, असली क्रोशे को मशीनों द्वारा दोहराया नहीं जा सकता। यह इसे "स्लो फैशन" आंदोलन का एक प्रामाणिक प्रतीक बनाता है, जो बड़े पैमाने पर उत्पादन के बजाय गुणवत्ता और कारीगरी के मूल्य पर जोर देता है। इसके अलावा, सेलिब्रिटी और डिजिटल प्रभाव भी बहुत मायने रखता है। कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों ने वैश्विक मंचों पर क्रोशे परिधानों को लोकप्रिय बनाया है, जबकि टिकटॉक और इंस्टाग्राम ने विशिष्ट निर्माताओं को मुख्यधारा के ट्रेंडसेटर में बदल दिया है। वहीं अगर व्यक्तिगतता की बात करें, तो आधुनिक उपभोक्ता, विशेष रूप से मिलेनियल्स और जेन Z, अद्वितीय, व्यक्तिगत वस्तुओं को प्राथमिकता देते हैं जिन्हें बड़े पैमाने पर खुदरा विक्रेता आसानी से दोहरा नहीं सकते। साथ ही लक्जरी फैशन में बदलाव की वजह से आजकल कई डिजाइनर्स ने प्रमुखता दी है और इसकी वजह से वर्ष 2024 और 2025 और 2026 में यह कई फैशन शो का हिस्सा रहा और रनवे कलेक्शन में शामिल किया है, जिससे यह एक ‘शौक’ से उच्च फैशन की श्रेणी में आ गया है।