ठंड के मौसम में शाम के वक्त दोस्तों के साथ गरमा-गरम चाय पीने, दोस्तों के साथ मोमोज खाने तो कहीं खूबसूरत वादियों में बॉनफायर का मजा लेना, यह सब दरअसल, सर्द के मौसम की नेमत है। सर्द का मौसम होता ही, जब आप अपनों से और अपने चाहने वालों के साथ, मौसम का मजा लेते हुए उठा सकते हैं, क्योंकि इसमें दिन भर आपके लिए कहीं घूमने-फिरने, नया खाना ट्राई करना या फिर पिकनिक के लिए जा सकते हैं, तो आइए, आपको विस्तार से बताते हैं कि किस तरह ठंड के मौसम में मिलने-मिलाने का कल्चर बरकरार रखना चाहिए।
धूप सेंकते हुए मोहल्ले की गपशप
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बचपन के दिनों को याद करें, तो मेरे जेहन में वही दिन याद आते हैं, जब ठंड के मौसम में, मां नहाने के बाद कहती थीं जाकर धूप में बैठ जाऊं और फिर धूप सेंकते हुए दोस्तों संग खूब बातें होती थीं, मोहल्ले में पड़ोस की सारी आंटी और चाची भी हाथों में स्वेटर बुनने के लिए ऊन और कांटे लेकर बैठ जाया करती थीं और कब एक कब एक हफ्ते में स्वेटर बन कर तैयार हो जाते थे, पता भी नहीं चलता था। उस दौर में महिलाएं अपने सुख-दुख कुछ इन्हीं घंटों में बांट लिया करती थीं, क्योंकि उनके पास बाकी वक्त में वक्त निकालना कठिन होता है। ऐसे में ठंड के मौसम को जरूर इस बात का श्रेय मिलना चाहिए। गरमा-गरम चाय की न जाने कितने राउंड में ठंड के मौसम में चल रहे होते हैं।
ढेर सारे आउटडोर गेम्स
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मुझे अच्छी तरह से याद है कि किस तरह ठंड के मौसम में हम अपने दोस्तों और सहेलियों के साथ सारे आउटडोर गेम्स दिन भर खेला करती थीं। खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और पिट्टो खेलते हुए कितने सारे नए दोस्त बने, दरअसल, ठंड के मौसम में आप दिन भर जब घर से बाहर निकलते हैं, तब नए लोगों से मिलते हैं और धीरे-धीरे आपकी दोस्ती भी शुरू हो जाती है। भले ही शाम में अंधेरा जल्दी हो जाता हो, लेकिन फिर भी कम समय में भी काफी दोस्त बन जाते हैं।
आग तापते हुए खाने-खिलाने का दौर

ठंड के मौसम में क्योंकि ढेर सारी सब्जियां मिलती हैं, ऐसे में यह सही वक्त होता है, जब अपने दोस्तों के साथ मिल कर रात में आग तापते हुए तरह -तरह के डिश बनाये जाएं और गपशप की जाए, गाने-बजाने का भी दौर रहे। चाहे तो अपने शहर में, नहीं तो शहर से दूर जाकर भी बोनफायर कर सकती हैं और ऐसे में ही नए लोगों से जुड़ने का यह खास मौका बनता चला जाता है। बारबेक्यू वाले फूड आयटम बनाने का इससे अच्छा मौका और कुछ नहीं हो सकता है।
पिकनिक की यादें

किसी दौर में ठंड के मौसम का इंतजार इसलिए भी होता था कि इस मौसम में स्कूल या दोस्तों के साथ कई बार पिकनिक जाने का मौका मिलता है, जहां धर्म निरपेक्ष होते हुए, सभी एक साथ खाते भी थे और गाना-बजाना भी करते थे, यह एक अलग तरह का प्रेम था, जो पिकनिक के साथ जुड़ा हुआ है, क्योंकि पिकनिक के दौरान आप यहां कई समुदाय से मिलते हैं, उनके खान-पान और संस्कृति को समझने की कोशिश करते हैं, ऐसे में आप नए रिश्ते बनाते हैं।
स्ट्रीट फूड की मजा
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ठंड के मौसम में, ट्रक पर लगे मोमोज और सूप के स्टॉल पर खूब भीड़ आज भी छोटे शहरों में नजर आती है, वहां शाम के ट्यूशन या कोचिंग क्लासेज के बाद, सभी जाते हैं और अपने दोस्तों के साथ खाने का लुत्फ उठाते हैं। तरह-तरह के नए स्ट्रीट फूड को भी इसी दौरान एक्सप्लोर किया जाता है। इसलिए इससे अच्छा समय और कोई नहीं हो सकता है कि आप दोस्तों के साथ स्ट्रीट फूड की सैर करें।
फूलों के बागों की सैर और तस्वीर

इस बात को पूरे यकीन से कहा जा सकता है कि हर किसी के बचपन के एल्बम में वे तस्वीरें जरूर होंगी, जो उन्होंने अपने घर के बगीचे में गेंदे के फूल, गुलदाउदी और डालिया के फूलों के साथ खिंचवाई होगी, क्योंकि ये फूल ठंड के मौसम में ही खिलते हैं, ऐसे में आपको अपने दोस्तों के साथ मौका मिलता है कि आप ढेर सारे मोमेंट्स को यादों में कैप्चर कर लें।