इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए कुछ बातों का ध्यान तो आपको रखना ही चाहिए। आइए जानें विस्तार से।
रखें इन बातों का ख्याल

2026 में इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करते समय आपको असेसमेंट ईयर (एवाई) 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए सबसे पहले रिटर्न दाखिल करना होगा, क्योंकि भारत में आयकर अधिनियम, 2025 लागू हो चुका है, ये साल एक ट्रांजिशनल फेज है, जहां पुराने और नए नियम समानांतर चल रहे हैं। कानूनी नोटिस और जुर्माने से बचने के लिए निर्धारित समय-सीमा के अंदर सही दंग से दाखिल करने के लिए निम्लिखित बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस बात का खास ख्याल रखें कि आपको सही कर व्यवस्था और स्लैब चुनना बेहद जरूरी है। अगर गौर करें, तो नई कर व्यवस्था डिफॉल्ट है। साथ ही अगर आपने अलग से स्विच नहीं किया, तो आपका टैक्स नई व्यवस्था के हिसाब से कैलकुलेट होगा। साथ ही साथ छूट सीमाओं की बात करें, तो नई व्यवस्था में मानक कटौती ₹75,000 है और ₹12 लाख तक की आय पर छूट के साथ कर-मुक्त हो सकती है। अगर ओल्ड रीजिम पर ध्यान दें, तो ये मानक कटौती ₹50,000 है।
सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करें
अगर हम गौर करें, तो आईटीआर-1 (सहज), वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है। वहीं आईटीआर-2, अगर आपको पूंजीगत लाभ (शेयर/म्यूचुअल फंड) से आय है या एक से ज्यादा घर से किराया आता है। वहीं आईटीआर-3 / आईटीआर-4 आपको उन लोगों के लिए इस्तेमाल करना है, जो व्यापार, पेशा, फ्रीलांसिंग या अनुमानित कराधान वाले फील्ड से जुड़े हैं। इसलिए सही से चुनाव करें, क्योंकि अगर गलत फॉर्म चुन लिया गया तो रिटर्न को डिफेक्टिव घोषिट कर दिया जाता है। इसके साथ ही साथ डेटा की सख्त क्रॉस-चेकिंग करेंएआईएस और टीआईएस देखें और फाइलिंग शुरू करने से पहले पोर्टल से अपना वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) और करदाता सूचना सारांश (टीआईएस) जरूरी डाउनलोड करें। आपके बैंक ब्याज, लाभांश, और स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग का विवरण फॉर्म 26एएस और एआईएस से मेल खाना चाहिए, नहीं तो टूरेंट नोटिस आ सकता है।
नयी समय सीमा

नई समय-सीमा (समय सीमा) का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि आपको यह समझना होगा कि वेतनभोगी व्यक्ति (आईटीआर-1 और आईटीआर-2) वाले बिना लेट फीस के फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। वहीं गैर-ऑडिट बिजनेस मामले के लिए आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 किया गया है। वहीं ऑडिट मामले की बात करें, तो बिजनेस अकाउंट्स जिनका ऑडिट होना है, उनकी आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।
इन बातों को तो भूलें नहीं
आपको एक बात का ख्याल और रखना है कि मेंडेंटरी ई-वेरिफिकेशन भूलने की थोड़ी भी कोशिश नहीं करनी है और साथ ही 30-दिवसीय नियम का पालन करना बेहद जरूरी है और इन बातों का भी ख्याल रखना जरूरी है कि आईटीआर पोर्टल पर ऑनलाइन सबमिट करने के बाद 30 दिनों के अंदर ई वेरिफिकेशन जरूर हो जाये और इन्हें ऑनलाइन सबमिट करना भी बेहद जरूरी है। साथ ही साथ यह भी समझ लें कि आपका रिटर्न अमान्य तब माना जाएगा, अगर आप आधार ओटीपी या नेट बैंकिंग से ई वेरिफिकेशन नहीं करते हैं, तो आपका रिटर्न अमान्य (ना-मंज़ूर) माना जाएगा।
क्रिप्टो और विदेशी संपत्ति के बारे में जानें यह भी

आप इन बातों को भी बहुत अच्छे से समझ लें कि वर्चुअल डिजिटल संपत्ति (वीडीए): क्रिप्टो या एनएफटी से हुई किसी भी तरह की कमाई को पूरी तरह से खुलासा करें, इस पर नए कर व्यवस्था पर ₹12 लाख की छूट नहीं होती। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर आपके पास कोई विदेशी बैंक खाता या विदेशी शेयर (जैसे अमेरिकी स्टॉक) हैं, तो आईटीआर-2 हां। 3 भरना और उन्हें शेड्यूल एफए में दिखाना बेहद जरूरी है।