AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन दिनों आपको आपके बचत में भी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं विस्तार में।
ऑटोमेटेड एक्सपेंस ट्रैकिंग

अगर आपके पास कुछ जरूरी AI ऐप्स हैं, तो आपके बैंक स्टेटमेंट्स, UPI ट्रांजेक्शन और SMS को ऑटोमेटिकली स्कैन करके खर्चों को अलग-अलग कैटेगरी में बांट देते हैं, जैसे भोजन, किराया और बिल में बांट देना जरूरी है और इससे आपको मैन्युअल रूप से हर खर्चा लिखने की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए ऐसे ऐप्स आपको लगातार बताते रहते हैं कई आपने कहां खर्च किया है और साथ ही एक्सपेंस ट्रैकिंग में आपको इससे काफी मदद मिल सकती है।
स्मार्ट बजटिंग सलाह
वहीं अगर AI की स्मार्ट बजटिंग की बात करें, तो यह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है, यह आपके पिछले खर्चों और इनकम का विश्लेषण करके एक रियलिस्टिक बजट बनाने में मदद करता है। साथ ही यह आपको अलर्ट भी भेजता रहेगा, जो कि आपकी अगर कोई बजट लिमिट है, तो आप उसके अंदर ही खरीदारी करें। साथ ही जब आप अपनी तय की गई बजट लिमिट के करीब होते हैं। आपको मिल जायेगा एक जरूरी नोटिफिकेशन। यही नहीं यह आपको अनचाहे सब्सक्रिप्शन की पहचान कराने में भी मदद करेगा, यह आपके उन सब्सक्रिप्शन को ट्रैक और कैंसिल करने में मदद करते हैं, जिन्हें आप शायद भूल गए हैं। इसलिए भी यह काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
बिल नेगोशिएशन

अगर बात बिल नेगोशियेशन की की जाये, तो कुछ AI ऐप्स आपके रिकरिंग बिल्स, जैसे इंटरनेट या फोन बिल को स्कैन करके सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ बेहतर डील्स के लिए नेगोशिएट कर सकते हैं। साथ ही यह खर्चों की भविष्यवाणी भी अच्छे से करता है और AI यह भी अनुमान लगा सकता है कि अगले कुछ महीनों में आपके कौन-से बड़े खर्चे आने वाले हैं, जैसे इंश्योरेंस प्रीमियम या त्यौहारों का खर्च, जिससे आप पहले से प्लानिंग कर सकती हैं और जरूरत से ज्यादा खर्च न हो, इसकी भी प्लानिंग कर सकती हैं। साथ ही साथ यह आपको बचत की आदत डालने में भी मदद करता है, क्योंकि यह कई ऐप्स को सर्च करके आपको बता देगा कि आपके खर्चों का पैटर्न क्या हैं और फिर उसको समझ कर आप छोटी-छोटी रकम भी कैसे सेविंग कर सकती हैं या आपके सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर कर सकती हैं।
AI की मदद से बजट बनाएं
इस बात को भी आपको समझना बेहद जरूरी है कि एक बार जब आप अपने खर्च करने के तरीके को जान लेते हैं, तो एक व्यावहारिक मासिक बजट बनाना आसान हो जाता है। AI बजटिंग टूल आपकी आय और जीवनशैली के आधार पर सीमाएं सुझाते हैं और फिर आपके खर्च पर नजर रखते हुए आपको तब सचेत करते हैं जब आप उन सीमाओं को पार करने के करीब होते हैं। जैसे कि यदि आप फूड डिलीवरी पर अधिक खर्च करते हैं, तो ऐप अगले महीने उस श्रेणी में कटौती का सुझाव दे सकता है। यदि आप किसी श्रेणी में अधिक बचत करते हैं, तो यह आपको उस अतिरिक्त राशि को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। वहीं जब वास्तविक समय में मार्गदर्शन मिलता है, तो बजट बनाना एक नियमित आदत बन जाती है।
समझें इन बातों को भी

AI वित्तीय सलाहकारों का स्थान नहीं ले सकता, लेकिन यह डेटा के आधार पर आपके निर्णय लेने में मार्गदर्शन कर सकता है। भारत में कई निवेश प्लेटफॉर्म अब आपके लक्ष्यों, जोखिम सहनशीलता और समय सीमा का आकलन करने के लिए एआई का उपयोग करते हैं। यह आपको दीर्घकालिक लक्ष्यों के आधार पर मासिक एसआईपी राशि, शार्ट टर्म इन्वेस्टमेंट या लिक्विड फंड जैसे सुरक्षित और संतुलित निवेश विकल्प के बारे में अच्छी जानकरी देगा और साथ ही यदि आप उच्च जोखिम के बजाय स्थिर वृद्धि को प्राथमिकता देते हैं, तो परिणामस्वरूप दिए गए सुझाव नहीं, बल्कि आपकी आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शन होता है, जो आपके साथ बढ़ता है।
सुरक्षित विकल्प और स्कैम से बचाव
बता दें कि आपके पैसों की सुरक्षा में AI की अहम भूमिका हो सकती है, अगर आप उसका सही इस्तेमाल करें, जैसे बैंक और पेमेंट प्लेटफॉर्म AI का इस्तेमाल करके असामान्य या संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखते हैं। अगर कुछ भी असामान्य लगता है, तो आपको तुरंत अलर्ट मिलता है। जैसे कि अगर आपके खाते में बिना अनुमति के कोई प्रवेश होता है, तो तुरंत कार्रवाई करें, कोई गलत तरीके से भुगतान करने की कोशिश कर रहा है, तो भी आपको जानकारी मिल जाएगी, तो आप उसे सही समय पर रोक पाएंगे, वहीं इसके अलावा, आप अपनी वित्तीय जानकारी सुरक्षित रख सकते हैं और आप अपने खाते की सुरक्षा पर सीधा नियंत्रण भी रख सकते हैं।