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FD Vs SIP: जानें निवेश के लिए क्या है बेहतर विकल्प

टीम Her Circle |  अप्रैल 03, 2025

निवेश की बात की जाए, तो फिक्स्ड डिपॉजिट और सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान का नाम जरूर याद आता है, लेकिन अक्सर इस बात को लेकर दुविधा रहती है कि आखिर निवेश के लिए सबसे बेहतर पर्याय कौन सा है। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट और सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान(SIP) में से आपके लिए कौन-सा बेहतर है, तो इसके लिए आपको इसके बारे में प्रमुख जानकारी जरूर होनी चाहिए।

क्या है फिक्स डिपॉजिट?

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बैंक या वित्तीय संस्थान में एक निश्चित अवधि के लिए एक निश्चित रकम निवेश करने का तरीका है। इस दौरान आपके निवेश पर बैंक निश्चित ब्याज दर प्रदान करता है, जो आपको मैच्योरिटी पर मिलता है। कई बार ऐसा होता है कि सबसे पहले किसी निवेश की बात सामने आती है, तो सबसे पहले हमें इसी बात की राय दी जाती है कि बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट शुरू कर देना चाहिए। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने पर कुछ साल बाद एक निश्चित ब्याज दर भी मिलती है।

जानें क्या है SIP? यानी कि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान

SIP एक तरीका है, जिसमें आप एक म्यूचुअल फंड स्कीम में नियमित रूप से छोटी राशि निवेश करते हैं। यह योजना लंबी अवधि में निवेश करने पर अधिक फायदे देती है, क्योंकि आपके द्वारा निवेश की गई रकम समय के साथ बढ़ती है। इसके एक नहीं बल्कि कई सारे फायदे हैं। हालांकि फिक्स्ड डिपॉजिट के मुकाबले एसआईपी को समझना थोड़ा कठिन हो जाता है। यह एक तरह से वित्तीय योजना है, जो निवेशकों को बाजार की अस्थिरता से बचने में सहायता देती है।

फिक्सड डॅिपॅाजिका फायदा 

फिक्सड डिपॉजिट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बैंक से जु़ड़े रहने के कारण आपको किसी भी तरह के फाइनेंस जोखिन से गुजरना  नहीं है।  FD की अवधि के दौरान धन की जरूरत होने पर आप इसे आंशिक रूप से या पूरी तरह से निकाल सकते हैं, हालांकि यह कुछ पेनल्टी के साथ हो सकता है। साथ ही जब आपका एफडी पूरा हो जाता है, को आपको फिर से उसका एफडी कर सकती हैं । साथ ही आप फिक्स्ड डिपॉजिट की की गारंटी के साथ बैंक से लोन ले सकती हैं। साथ हा सबसे अहम जानकारी यह कि एक निश्चित ब्याज दर के साथ आप अपने पैसे को सुरक्षित स्थान पर रहते हैं, जो कि भविष्य में आपको एक अच्छी रकम देता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के नुकसान

FD पर मिलने वाला ब्याज रेट आमतौर पर कम होता है। इसलिए लंबे समय में रिटर्न बहुत आकर्षक नहीं होता। साथ ही फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसे रखकर आप इसे अपने इनकम टैक्स प्रूफ में भी शामिल कर सकती हैं। FD पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लागू होता है, जो रिटर्न को कम कर सकता है। अगर आपको समय सीमा से पहले एफडी निकालना है, तो इस पर आपको जुर्माना देना होता है। यह भी है कि 60 साल से कम उम्र के बैंक ग्राहकों के लिए एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर 10 प्रतिशत टीडीएस लगता है। एफडी में निवेश करने के बाद आपका पैसा 1 साल 2 साल या फिर 6 साल के लिए लॉक हो जाता है। इसलिए, जब भी आपको एफडी करना है, तो आपको उन पैसों पर निवेश करना चाहिए, जिसे आप अपने भविष्य के लिए सुरक्षित रखते हैं।

क्या हैं SIP के फायदे

SIP में बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि में अधिक रिटर्न की संभावना रहती है। म्यूचुअल फंड में निवेश होने की वजह से, यह बाजार की स्थिति के अनुसार रिटर्न दे सकता है। SIP के द्वारा आप विभिन्न म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, जिससे आपका जोखिम कम हो जाता है। SIP में निवेश करने पर आप जरूरत के हिसाब से म्यूचुअल फंड को निकाल सकते हैं। हालांकि, थोड़ी देर में या लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न के लिए रखना अधिक फायदेमंद होता है। SIPके कारण आपको टैक्स में भी बेनिफिट मिलता है। साथ ही आप कभी भी निवेश की रकम, समय और अवधि को बदल सकते हैं। इसमें निवेश करने से आयकर में भी छूट मिलती है। इसमें निवेश के लिए आप बैंक से हर महीने पैसे कटवा सकती हैं।

क्या है SIP के नुकसान

यह पूरी तरह से बाजार पर निर्भर होता है। अगर बाजार में गिरावट आती है, तो निवेश की वैल्यू कम होती है। इसमें कम समय के लिए निवेश किया जाता है, तो यह नुकसान पहुंचाता है। अगर आपके बैंक खाते में पैसे नहीं हैं, तो एसआईपी बंद भी हो सकती है। एसआईपी में निवेश की गई कंपनी अगर घाटे में चल रही है, तो आपका पैसे डूबने का खतरा बना रहता है। 

आपके लिए कौन-सा बेहतर है?

यदि आप कम जोखिम चाहती हैं और एक तय मुनाफा देख रही हैं, तो आपके लिए एफडी बेहतर प्रयास है। यह खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी जमा-पूंजी पर किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं और अगर आप बाजार के उतार-चढ़ाव को सहन करने के लिए तैयार हैं, तो एसआईपी आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि यह आपका पैसा है, तो निर्णय आपका होना चाहिए कि आप किस रास्ते पर अपना पैसा आगे बढ़ाना चाहती हैं।

 

  

 

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