इन दिनों करियर के लिहाज से AI कोच या एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ती जा रही है। भारत जैसे देशों में तो खासतौर से इसकी भूमिका बढ़ रही है। आइए जानें इनके बारे में विस्तार से।
क्या है यह
एआई कोच एक वर्चुअल असिस्टेंट होता है, जो पेशेवर या व्यक्तिगत विकास के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन, प्रतिक्रिया और सहायता प्रदान करता है। यह एक मानव कोच की तरह काम करता है और लोगों को लक्ष्य निर्धारित करने, जवाबदेह बने रहने और इंटरैक्टिव बातचीत, परिदृश्य-आधारित प्रश्नों और डेटा विश्लेषण के माध्यम से कौशल सुधारने में मदद करता है। एआई कोच का उपयोग व्यक्ति या संगठन स्केलेबल और सुलभ कोचिंग प्रदान करने के लिए कर सकते हैं।
AI एक्सपर्ट की भूमिका

एक AI विशेषज्ञ के रूप में करियर में मशीन लर्निंग इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और एआई रिसर्च साइंटिस्ट जैसी भूमिकाएं शामिल होती हैं, जिसके लिए गणित और प्रोग्रामिंग में मजबूत आधार, व्यावहारिक प्रोजेक्ट अनुभव और निरंतर सीखने की आवश्यकता होती है। प्रमुख जिम्मेदारियों में एआई मॉडल बनाना, डेटा का विश्लेषण करना, एल्गोरिदम विकसित करना और अन्य पेशेवरों के साथ सहयोग करना शामिल है, जबकि डेटा गोपनीयता और पूर्वाग्रह जैसे नैतिक पहलू भी महत्वपूर्ण हैं।
क्या-क्या हो सकते हैं करियर विकल्प
अगर हम इसकी बात करें, तो मशीन लर्निंग इंजीनियर के रूप में डेटा से सीखने वाले AI मॉडल डिजाइन और कार्यान्वित करता है। साथ ही डेटा वैज्ञानिक का भी करता है और अंतर्दृष्टि निकालने और डेटा-संचालित मॉडल बनाने के लिए जटिल डेटासेट का विश्लेषण करता है। अगर AI अनुसंधान वैज्ञानिक की बात करें, तो AI सिद्धांतों को आगे बढ़ाने और नए एल्गोरिदम विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करता है। वहीं रोबोटिक्स इंजीनियर की बात करें, तो AI-संचालित रोबोट डिजाइन और विकसित करता है। साथ ही प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) इंजीनियर के रूप में आप मानव भाषा को समझने और संसाधित करने वाली प्रणालियों पर काम कर सकती हैं। और कंप्यूटर विजन इंजीनियर के रूप में ऐसी प्रणालियों को विकसित कर सकते हैं, जो दृश्य जानकारी की व्याख्या और विश्लेषण कर सकती हैं। साथ ही साथ AI उत्पाद प्रबंधक के रूप में AI उत्पादों के विकास और कार्यान्वयन की देखरेख हो सकती है।
ये हैं एआई विशेषज्ञ बनने के चरण

इसके लिए सबसे अहम जो एक जरूरी काम है कि आपको एक मजबूत आधार तैयार करना है और गणित और प्रोग्रामिंग पर अच्छी पकड़ बनानी जरूरी है, खासकर पायथन जैसी भाषाओं पर। साथ ही व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना भी उतना ही जरूरी है और साथ ही साथ व्यक्तिगत परियोजनाओं पर काम करना भी जरूरी ही है, अगर हम ऑनलाइन पाठ्यक्रम लें और अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक पोर्टफोलियो बनाएं, तो यह बहुत मदद करता है। अगर विशेषज्ञता की बात करें, तो विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करने के लिए क्लाउड-आधारित एआई या डीप लर्निंग जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में प्रमाणन पर विचार करना होगा और नई एआई पद्धतियों के बारे में लगातार जानने की भी जरूरत आपको होगी और क्षेत्र में नवीनतम प्रगति से अवगत रहने की भी और साथ ही साथ सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने की भी। ऐसे में टीम वर्क, संचार का अभ्यास करें, और पूर्वाग्रह और डेटा गोपनीयता जैसे नैतिक विचारों का ध्यान रखना होगा।
क्या हो सकता है तरीका
एआई विशेषज्ञ बनने के लिए, आपको गणित और कंप्यूटर विज्ञान में मजबूत आधार, पायथन जैसी भाषा में दक्षता, और मशीन लर्निंग व डीप लर्निंग सिद्धांतों का व्यावहारिक अनुभव होना आवश्यक है। यह औपचारिक शिक्षा या ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, प्रमाणपत्रों और व्यावहारिक परियोजनाओं के संयोजन से प्राप्त किया जा सकता है ताकि एक पोर्टफोलियो तैयार किया जा सके। निरंतर सीखने के माध्यम से तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र के साथ जुड़े रहना भी महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, एक मजबूत शैक्षणिक और तकनीकी आधार तैयार करना है जरूरी और रैखिक बीजगणित, कलन, प्रायिकता और सांख्यिकी पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है और साथ ही साथ प्रोग्रामिंग सीखना है जरूरी। अगर AI की प्राथमिक भाषा की बात करें, तो पायथन में पारंगत बनना सबसे ज्यादा जरूरी है और TensorFlow, PyTorch और Pandas जैसी प्रमुख लाइब्रेरीज का उपयोग करना सीखना भी जरूरी है। आपको समय-समय पर डेटा संरचनाओं और एल्गोरिदम को समझना भी जरूरी है और ये कुशल AI सिस्टम बनाने के लिए आवश्यक हैं।
एआई और मशीन लर्निंग का ज्ञान प्राप्त करें

अगर हम एआई की बुनियादी बातों की बात करें, तो एआई, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग की मुख्य अवधारणाओं का अध्ययन करना एक महत्वपूर्ण स्टेप है और साथ ही साथ एल्गोरिदम को एक्सप्लोर करना बेहद जरूरी है और निर्णय वृक्ष, सपोर्ट वेक्टर मशीन और न्यूरल नेटवर्क जैसे एल्गोरिदम से परिचित हों।
हमेशा अपडेट रहना और सीखते रहना जरूरी है
आपको शोध पर नजर रखनी ही पड़ती है और साथ ही साथशोध पत्र पढ़कर नवीनतम प्रगति से अवगत रहें। आपको हमेशा सीखते रहना भी बेहद जरूरी है और यह समझना भी बेहद जरूरी है कि एआई का क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है, इसलिए ऑनलाइन पाठ्यक्रमों और अन्य संसाधनों के माध्यम से निरंतर सीखना आवश्यक है। अगर हम ऑनलाइन समुदायों और मंचों की बात करें, तो अन्य एआई उत्साही और पेशेवरों के साथ जुड़ना भी जरूरी है।
क्या होता है वेतन
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट का वेतन अनुभव, स्थान, कंपनी और उद्योग के आधार पर अलग-अलग होता है। औसतन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट का वेतन 4 लाख रुपये से लेकर 44 लाख प्रति वर्ष तक होता है।