पूरे भारत में क्रिसमस का जश्न, कहीं लगे बाजार तो कहीं जरूरतमंदों को मिली मदद
क्रिसमस का मौका प्यार करने, देने और जश्न मनाने का एक शानदार अवसर है। ईसा मसीह की कहानी, उनके प्रेम और मानवता भी यही जाहिर करती है कि क्रिसमस का मौका ‘देने का’ है। पूरी दुनिया भर में लोग क्रिसमस के इस मौके को इस्तेमाल करते हुए जरूरतमंदों की मदद करते हैं। भारत में कई जगहों पर लोगों ने बड़े-बड़े कैम्पेन शुरू किये हैं, जिसमें असमर्थ बच्चों की मदद करने से लेकर, लोगों को खाना पहुंचाने तक, जैसे कई अच्छे काम हो रहे हैं।
मुंबई की बेकरी कंपनी ने दिखाई दरियादिली
इस क्रिसमस मुंबई की जानी मानी बेकरी कंपनी ने देश भर के स्पेशल स्कूलों के साथ साझेदारी की और प्यार और खुशी फैलाने के लिए अलग-अलग विकलांग या असमर्थ बच्चों के बीच सीक्रेट सांता बनकर गए। इस पहल के हिस्से के रूप में, उन्होंने कई स्पेशल स्कूलों के छात्रों के साथ मजेदार, आकर्षक इवेंट्स का आयोजन किया।
शिलांग में जरूरतमंदों को खाना
शिलांग में ईसा मसीह यीशु के नाम पर नेकी करते हुए ‘फीड द हंग्री’ की शुरुआत की है, जो दुनिया में हर आदमी, विशेष रूप से गरीबों और पीड़ितों की मदद करेगा। भारतीय कैथोलिक युवा आंदोलन (आईसीवाईएम) ने इस मुहीम की शुरुआत ‘फीड ए फ्रेंड’ से की थी और क्रिसमस के दौरान उन्होंने मुहीम ‘फीड द हंग्री’ को शुरू किया। "फीड द हंग्री" के तहत शहरों के बाहरी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे गरीब और माइग्रेटेड परिवारों को भोजन लाकर जरूरतमंदों की मदद की जा रही है।
क्रिसमस की भावना ने भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में मौज-मस्ती करने वालों के लिए खास मौका है, ऐसे में देश भर के गिरिजाघरों में मध्य रात्रि जनसमूह आयोजित किया गया, जहां यीशु मसीह के जन्म को चिह्नित करने के लिए कैरल गाए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल थीं, जिन्होंने चर्च के इन कार्यक्रमों में भाग लिया और उत्सव में डूब गए।
सिलीगुड़ी में बाजार की चकाचौंध
सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में कोविड-19 महामारी के कारण दो साल के अंतराल के बाद लोकल बाजारों के व्यापारियों ने एक बार फिर से जमकर मार्केट की शुरुआत की है। इसके चलते क्रिसमस की शाम लोकप्रिय क्रिसमस प्रोडक्ट्स, जैसे सांता क्लॉज, क्रिसमस ट्री, बॉल और केक का अच्छा कारोबार हो रहा है। लोग इस बार जम कर शॉपिंग कर रहे हैं। ग्राहक भी सामान के लिए अच्छी रकम चुकाने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। सिलीगुड़ी के विधान बाजार के एक व्यापारी का कहना है कि ‘इस बार ग्राहकों ने काफी पहले खरीदारी शुरू कर दी है और हमें अच्छी बिक्री की उम्मीद है क्योंकि इस बार छात्रों की परीक्षा भी नहीं है और क्रिसमस बड़ी संख्या में मनाया जाएगा। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के कपड़े भी काफी बेचे गए हैं।’
वाकई, क्रिसमस का त्योहार ईसा मसीह के शानदार आगमन का जश्न मनाता है। प्रेम और करुणा का उनका संदेश दुनिया भर के फॉलोवर्स को प्रेरित कर रहा है। आप भी अपने आस-पास जरूरतमंदों की मदद करें और क्रिसमस को दिल से सेलिब्रेट करें। मेरी क्रिसमस!