मिलिए मोनीषा नारके से, जिनका विजन है बढ़े ‘ग्रीन गोल्ड’ से 'सर्कुलर इकोनॉमी
कभी सोचा है कि आपके घर के टेट्रा पैक कचरे में नहीं जाकर, अगर जरूरतमंद बच्चों के लिए बेंच बनने के काम में आ जाये तो कितना अच्छा होगा। किचन का कचरा अगर खाद मेंबदल जाए तो कितना अच्छा होगा। मोनीषा नारके RUR के माध्यम से कुछ ऐसा ही तो कर रही हैं। कैसे जानने के लिए देखिए ये वीडियो