जॉब हगिंग कल्चर आजकल काफी ट्रेंड में है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।
क्या है जॉब हगिंग कल्चर

अगर हम जॉब हगिंग की बात करें, तो वर्कप्लेस से जुड़ा एक ऐसा ट्रेंड है, जिसमें कर्मचारी अपनी मौजूदा नौकरी में ही बने रहते हैं, जहां आप खुश हों या न हों उन्हें कम सैलरी मिल रही हो, क्योंकि उन्हें आर्थिक अस्थिरता और नई नौकरी ढूंढने में होने वाली मुश्किलों का डर होता है। यह 2021-2022 के job hopping (जॉब बदलने) के ट्रेंड से एक बदलाव को दिखाता है। यह जोखिम के बजाय सुरक्षा की चाहत को दर्शाता है, जिसमें कर्मचारी महंगाई और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी चिंताओं के बीच स्थिरता को ही थामे रहते हैं।
क्यों अधिक कर रहा है ट्रेंड
एक रिपोर्ट के अनुसार, हायरिंग की गतिविधियां काफी धीमी हो गई हैं और Covid-19 महामारी के शुरुआती महीनों को छोड़कर, 2013 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। और अवसर कम मिल रहे हैं, तो उसके कारण भी कर्मचारी स्वाभाविक रूप से अपने करियर में बदलाव करने को लेकर ज्यादा सतर्क हो रहे हैं। जानकारों का कहना है कि कई कर्मचारी आर्थिक अनिश्चितता को लेकर भी ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।
जानें यह भी

यह ट्रेंड महामारी के बाद नौकरियों में आई तेजी से एक बड़ा बदलाव दिखाता है, जब एक नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरी करना अक्सर महत्वाकांक्षा और करियर में तरक्की की निशानी माना जाता था। आज, कई कर्मचारी इसके बजाय सुरक्षा को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं। नए मौकों की तलाश करने के बजाय, वे एक फिक्सड सैलरी को चुन रहे हैं। आपका यह बर्ताव दर्शाता है कि आप कम्पनी के प्रति कोई वफादारी नहीं निभा रहे, बल्कि आप खुद को बचा रहे। गौर करें, तो कई उद्योगों में भर्ती की रफ्तार धीमी होने और आर्थिक अनिश्चितता के मंडराने के कारण, कर्मचारियों को लग सकता है कि किसी नई भूमिका में जोखिम उठाने के बजाय, किसी जानी-पहचानी भूमिका में बने रहना ज्यादा सुरक्षित है।
महिलाओं को ऐसे कर रहा है प्रभावीत
महिलाओं पर इसके कई प्रभाव पड़ रहे हैं, जिनमें महिलाएं उन कंपनियों में जॉब हग करना पसंद करती हैं, जहां उन्हें फ्लेक्सिबिलिटी मिल रही हो। वहीं उन्हें करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों, विशेष रूप से बच्चों की देखभाल, को एक साथ प्रबंधित करने में मदद करता है। साथ ही साथ नौकरी की सुरक्षा, बाजार में छंटनी और AI के बढ़ते प्रभाव के डर से महिलाएं अपनी वर्तमान नौकरी को छोड़ना जोखिम भरा मानती हैं। वे बेरोजगारी के जोखिम से बचने के लिए अपनी मौजूदा कंपनी में ही सुरक्षित महसूस करती हैं।
सही क्यों नहीं

जॉब हैगिंग के बारे में बात करें, तो इस बात को भी समझना जरूरी है कि अगर करियर में ठहराव आ गया, तो परेशानी आगे चल कर हो सकती है और स्किल डेवलपमेंट रूक सकती है। साथ ही लंबे समय में, यह उनके करियर की तरक्की और बेहतर वेतन वृद्धि की संभावनाओं को सीमित कर सकता है। एक बात और भी है कि जहां कुछ महिलाएं सुरक्षा के कारण संतुष्ट महसूस करती हैं, वहीं कई महिलाएं अपनी भूमिका में खुद को घुटने हुए देखती हैं,जिससे उनकी काम के प्रति रुचि और ऊर्जा कम हो सकती है।