कई बार लोगों के जेहन में यह बात आती है कि ब्रेक के बाद करियर का क्या होगा। लेकिन हम आपको बताना चाहते हैं कि अगर किसी कारणवश अगर करियर में ब्रेक लेना भी पड़े, तो आपको फिर क्या करने की कोशिश करनी चाहिए। आइए जानें विस्तार से।
प्लालिंग होनी है जरूरी

करियर ब्रेक के बाद फिर से शुरुआत करना मुश्किल लग सकता है, लेकिन सही प्लानिंग के साथ ये बिल्कुल मुमकिन है। भारत में अब ऐसे कई रिटर्नशिप प्रोग्राम होने लगे हैं और ऐसे कई और प्लेटफॉर्म हैं, जो खास तौर से उन लोगों के लिए हैं, जो काम पर वापस लौटना चाहते हैं। एक अध्ययन के अनुसार यह बात सामने आई है कि भारतीय महिलाएं, लगभग 70 से 80 प्रतिशत हैं, जो किसी न किसी कारण करियर में ब्रेक ले लेती हैं और फिर अगर सही तैयारी न हो तो उन्हें काफी परेशानी हो सकती है, इसलिए सही ढंग से तैयारी जरूरी है। इस रिपोर्ट की नानें, तो भारतीय महिलाओं की भागीदारी कई विकसित और विकासशील देशों की तुलना में काफी कम हैं। और इन सबका प्रमुख कारण एक नहीं, बल्कि कई तरह के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारण हैं।
अपस्किलिंग और रिस्किलिंग (नया कौशल सीखें)
इस बात को आपको समझना ही होगा कि अब इंडस्ट्री में कई तरह के बदलाव हर दिन होने लगे हैं और इसके लिए आपको खुद में अपडेट करते रहने की जरूरत है और इसे समझने के लिए आपको खुद को भी अपडेट रखना होगा। सो, आपको सरकारी प्लेटफॉर्म या स्किल इंडिया डिजिटल हब से आप नए जमाने के कौशल सीख सकते हैं, जिसमें आपको ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़े कई कोर्स नजर आयेंगें, जैसे कि एआई, डेटा साइंस या डिजिटल मार्केटिंग जैसे ट्रेंडिंग टॉपिक्स के लिए कोर्सेरा, उडेमी, और अपग्रेड का तरीका आप इस्तेमाल कर सकती हैं और साथ ही साथ खुद को अपडेट करने के लिए अपने पुराने कौशल को ताजा करने के लिए सर्टिफिकेट्स भी लेने चाहिए।
नेटवर्किंग है जरूरी

इस बात को समझना भी जरूरी है कि लिंक्डइन और नेटवर्किंग आज के समय में लिंक्डइन आपका सबसे बड़ा पोर्टफोलियो है। यानी कि अपनी प्रोफाइल हेडलाइन पर भी ध्यान देना जरूरी है और अबाउट सेक्शन को ऐसे लिखे, जो आपके वर्तमान कौशल और वापसी की इच्छा को दिखाए। साथ ही आपको इस बात पर भी ध्यान देना जरूरी है कि आपकी नेटवर्किंग कैसी है और आप अपने पुराने सहकर्मियों से इस पर बात करें और उन्हें बताएं कि आप काम पर वापस लौटना चाहते हैं। उद्योग विशेषज्ञ आपस में जुड़ें और प्रासंगिक चर्चाओं में हिस्सा लें, इससे भी आपको खुद को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और आप बहुत बेहतर स्थान पर पहुंच पाएंगी, तो ऐसा करने की भी पूरी कोशिश करें।
रिटर्नशिप प्रोग्राम का फायदा उठाएं
दरअसल, भारत की कई ऐसी बड़ी कंपनियां हैं, जो रिटर्न टू वर्क के तहत कार्यक्रम करती है और जो खास तौर पर अंतराल के बाद लौटने वालों के लिए होते हैं, इसलिए इस बात का आपको पूरा ख्याल रखना है कि आपको रिटर्नशिप प्रोग्राम को फॉलो करना है और उसका फायदा भी आपको उठाने की कोशिश करनी ही चाहिए। इसलिए रिटर्नशिप प्रोग्राम को भी तलाशने की कोशिश जरूर करें और उससे जुड़ जाएं। ऐसी कई कंपनियां हैं, जो महिलाओं के लिए एक संरचित ऑनबोर्डिंग और मेंटरिंग पहल करती हैं। कई कंपनियां पेड़ प्रोग्राम्स भी करवाती हैं।
बायोडाटा और इंटरव्यू की तैयारी

एक बात का आपको और ख्याल रखना है कि आपको अपने रिज्यूमे पर भी अच्छे से काम करना है और इसके लिए आपको एक सही बायोडाटा तैयार करना जरूरी है, जो क्रोनॉजिकल क्रम की बजाय आपके कौशल और परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही करियर गैप को बेहतर रूप से समझना भी बेहद जरूरी है और इंटरव्यू में गैप के बारे में सच बोलेन और आत्मविश्वास के साथ बताएं कि उस दौरान आपने क्या सीखा या आपने गैप क्यों लिया। साथ ही आपको फ्रीलांस या स्वयंसेवा के बारे में भी काम करते रहना चाहिए, जैसे कि अगर पूर्णकालिक नौकरी नहीं मिल रही है, तो अस्थायी असाइनमेंट या फ्रीलांस काम से रिज्यूमे भरने की कोशिश करें।
मेन्टोरशिप प्रोग्राम का ध्यान रखें
महिलाओं के लिए जो खास प्रोग्राम हैं, जिन्हें जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए, उन पर ध्यान देना भी अच्छा होता है, खासतौर से विविधता-अनुकूल जैसे प्रोग्राम को ध्यान में रखना जरूरी है, जो कि नियोक्ताओं से जोड़ते हैं और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। ऐसे कई कम्युनिटी या समुदाय हैं, जो भारत में महिलाओं के लिए सबसे बड़ा करियर समुदाय, जो नौकरी की लिस्टिंग, वापसी कार्यक्रमों और कौशल-निर्माण पाठ्यक्रम प्रदान करता है, उनके बारे में जानकारी लें और उनसे जुड़ने की कोशिश करें। इसके साथ-साथ महिलाओं के लिए ग्राहक सफलता और डिजिटल संचालन जैसे गैर-तकनीकी क्षेत्रों में प्रमाणित रिमोट प्रोफेशनल भूमिकाएं हैं, जिनको आपको अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। इनके अलावा, आजकल को एआई-संचालित प्लेटफॉर्म भी हैं, जो काम पर लौटने वाली महिलाओं को समय सीमा के बजाय कौशल के आधार पर कंपनियों से जोड़ते हैं, तो उनसे भी जुड़ने की कोशिश करें। इनके अलावा, ऑनलाइन कोर्सेस पर ध्यान दें और खुद को अपस्किल्ड करें। आपको इस बारे में भी सोचना है कि अगर आप अपने काम की शुरुआत करना चाहती हैं, तो छोटे प्रोजेक्ट्स को भी करती जाएं, उन्हें इग्नोर नहीं करें और आगे बढ़ने की कोशिश करती रहें।