अगर आप ऐसी नौकरी की तलाश में हैं, जिसमें आपको दुनिया का सबसे बेहतरीन खाना खाने का मौका मिले, तो पेशेवर फूड टेस्टर बनने पर विचार करें। हालांकि, यह सिर्फ स्वादिष्ट खाने का स्वाद चखने जितना आसान नहीं है। आपको समान खाद्य पदार्थों के बीच सूक्ष्म अंतर पहचानने में सक्षम होना चाहिए और याद होगा कि उसका स्वाद कैसा था और यह डिश उस डिश से किन पहलुओं पर अलग है, ताकि आप बाद में किसी और को उनके बारे में बता सकें। थोड़े से टैलेंट और सूझ-बूझ से इस क्षेत्र में अपार अवसर तलाशे जा सकते हैं। यह जानकारी आपके लिए है कि फूड एंड बेवरेज रिटेल इंडस्ट्री के व्यापार में पिछले दो सालों में 35 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसलिए यहां सुनहरे भविष्य की पूरी संभावनाएं हैं। ज्यादातर लोग कुकिंग तक सीमित समझते हैं, लेकिन यह इससे कहीं ज्यादा बढ़कर है। आइए जानते हैं फूड टेस्टर करियर से जुड़ीं चीजों को करीब से।
थ्योरेटिकल नॉलेज में सुधार करें

एक अच्छा फूड टेस्टर बनने के लिए यह भी सलाह दी जाती है कि आप अपने थ्योरेटिकल नॉलेज में सुधार करें। इसका मतलब है कि आप खाने में मौजूद सामग्री को सही ढंग से पहचाने और आपको यह पता हो कि प्रत्येक फूड के लिए सामग्री क्या होनी चाहिए और उसका स्वाद क्या होना चाहिए। इसके साथ ही आपको आप फूड की स्टोरिंग से लेकर उससे जुड़े प्रिजर्वेटिव्स प्रक्रियाओं के बारे में भी डिटेल में जानना जरूरी होता है ।
कम्युनिकेशन स्किल को बढ़ाएं
यह न केवल आवश्यक है कि आप किसी खाद्य पदार्थ का स्वाद ले सकें और उसकी बारीकियों को पहचान सकें, बल्कि यह भी कि आप विस्तार से इसे बयान कर सकें, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने कम्युनिकेशन स्किल को विकसित करें। इसमें आपकी लिखित और मौखिक कम्युनिकेशन स्किल दोनों शामिल हैं। लिखित और मौखिक दोनों तरह से फूड टेस्टर के तौर पर विभिन्न स्थितियों में खुद को व्यक्त करने की अनुमति देते हैं।
टीम वर्क पर हो फोकस

टीम वर्किंग फूड टेस्टिंग का का एक अनिवार्य पहलू है। टेस्टर वाले के रूप में काम करते समय, आप मैन्युफैक्चरर, फूड साइंटिस्ट और अन्य प्रोफेशनल्स के साथ सहयोग करती हैं, जो भोजन को विकसित करने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, आप खुद को दूसरे फूड टेस्टिंग की टीम में काम करते हुए पा सकती हैं। मजबूत वर्किंग टीम होने से आपको अपने साथी टीम के सदस्यों के साथ बातचीत करने और अपनी राय पर प्रभावी ढंग से चर्चा करने में मदद मिल सकती है।
सीखना रखें जारी
फूड टेस्टर की फील्ड में सफल होने के लिए आपको अपने पर लगातार काम करना जरूरी है। प्राइवेट रिसर्च के साथ अलग अलग वर्कशॉप के जरिये अपने ज्ञान का विस्तार करते रहें। इस तरह आप नयी सामग्री, भोजन के स्वाद और कंज्यूमर ट्रेंड्स के बारे में सीखते रह सकती हैं।
कंज्यूमर को दें महत्व

एक प्रोफेशनल टेस्टर वाले के रूप में आपको कंज्यूमर की मांग के बारे में भी जानना महत्वपूर्ण है। इस भूमिका में, आपको नियमित रूप से कंज्यूमर से उनके टेस्ट प्रेफरेंस के बारे में बात करनी चाहिए, यह जानना चाहिए कि वे कैसे खाना बनाते हैं और उन्हें कौन से नए खाद्य पदार्थों में रुचि है, क्योंकि इसी आधार पर आप स्वाद और उपभोक्ता मांग दोनों के आधार पर व्यंजनों में बदलाव की बेहतर सलाह दे पाएंगे।
विभिन्न फूड संस्कृतियों का हो जानकार
फूड टेस्टर को विभिन्न देशों या कम से कम अलग-अलग राज्यों में भोजन संस्कृति के बारे में जानकारी होनी चाहिए, ताकि आप संस्कृति और लोगों का टेस्ट समझकर ही अपने सुझाव पेश कर सकें। आपके अंदर यह समझ होनी चाहिए कि मार्केट में लोग किस तरह के प्रोडक्ट को पंसद करेंगे। इसके लिए आपको ट्रैवलिंग और पढ़ने का भी शौक होना चाहिए, ताकि आप जगह−जगह घूमकर व लोगों से मिलकर नई जगहों की भोजन संबंधी खासियतों को समझ सकें। इस दौरान आपको न सिर्फ विभिन्न प्रकार के मसालों का ज्ञान होना चाहिए, बल्कि अन्य मसालों के साथ उनके कॉम्बिनेशन व उन्हें तरह−तरह की रेसिपीज में इस्तेमाल करने से भी वाकिफ होना आवश्यक है।
सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल

फूड टेस्टर का रोल क्या होता है ?
फूड टेस्टर की भूमिका में खाद्य उत्पादों की प्रमुख विशेषताओं जैसे स्वाद, स्मेल, क्वालिटी फ्लेवर और ऍपेरेन्स का परीक्षण और पहचान करना शामिल होता है। कई बार फूड से जुड़ी सुरक्षा को भी इस दौरान परखना पड़ता है कि यह कंज्यूमर के लिए अच्छा है या नहीं। इसके साथ ही अक्सर टीवी विज्ञापनों, रेस्तराओं और कुलिनरी मैग्जीन्स में ऐसे फूड आइटम्स या डिशेज को देखा होगा, जिन्हें चखने के लिए मन मचल गया होगा। यह प्रेजेंटेशन का कमाल है, जिसे फूड स्टाइलिंग कहते हैं। इसमें फूड स्टाइलिस्ट्स फोटोग्राफर्स के साथ मिलकर खूबसूरत इमेज क्रिएट करते हैं। फूड टेस्टर इस पर भी काम करते हैं।
फूड टेस्टर के तौर पर एजुकेशन क्वालिफिकेशन क्या होना चाहिए ?
फूड टेस्टिंग के लिए कोई आधिकारिक शिक्षा या योग्यता की आमतौर पर जरुरत नहीं होती है। आप बिना किसी खास एजुकेशन क्वालिफिकेशन के इस करियर में सफल हो सकती हैं, लेकिन एम्प्लॉयर आपसे यह भी बोल सकते हैं कि फूड टेस्टिंग में आपमें स्किल की कमी है। यदि आप फूड टेस्टर बनने की अपनी संभावनाओं को बढ़ाना चाहती हैं, तो आप एक कलिनरी स्कूल में शामिल होने पर विचार कर सकती हैं। न्यूट्रीशियन में डिग्री भी सहायक हो सकती है, साथ ही किसी फूड या बेवरेज कंपनी में प्रोडक्ट डेवलपमेंट का पद भी उपयोगी हो सकता है। यह आपको इस पेशे में आवश्यक प्रासंगिक कौशल को बढ़ाने और विकसित करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही आपके कॉन्फिडेंस को भी बूस्टअप मिल सकता है, क्योंकि एजुकेशनल क्वालिफिकेशन होने से आपको एम्प्लॉयर का ध्यान खुद पर आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
प्रोफेशनल टेस्टर का स्कोप कहां पर है।
आप निम्न में से किसी भी स्थान पर फ़ूड टेस्टर बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं:

फूड टेस्टिंग कंपनियां
फूड कंपनियां, जिनमें रेस्तरां और ब्रेवरीज शामिल हैं
रिटेलर (सुपरमार्केट, सुविधा स्टोर, आदि)
डिस्ट्रीब्यूटर (थोक विक्रेता)
क्या प्रोफेशनल फूड टेस्टर के रूप में नौकरी के लिए आवेदन करते समय उम्र मायने रखती है?
प्रोफेशनल फूड टेस्टर के रूप में नौकरी के लिए आवेदन करते समय उम्र कोई मायने नहीं रखताहै।
फूड टेस्टर की सैलरी क्या होती है ?
एक फूड टेस्टर की कोई निश्चित आमदनी नहीं होती। अगर आप बतौर फ्रीलांसर काम करते हैं तो आपकी कमाई आपको मिलने वाले फूड टेस्ट पर निर्भर करेगी, वहीं अगर आप किसी कपंनी के साथ जुड़कर काम करते हैं तो आपको शुरूआती दौर में 15000−20000 रूपए प्रतिमाह आसानी से मिल जाएंगे। इस क्षेत्र में अनुभव बढ़ने के साथ−साथ आपकी आमदनी भी बढ़ती जाएगी।
किन लोगों को इसमें करियर नहीं बनाना चाहिए ?
फूड टेस्टर के तौर पर आपको विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के बीच अंतर करने के लिए आपको स्वाद और गंध की अच्छी समझ होनी चाहिए। यदि आपको एलर्जी या इसी तरह की अन्य समस्याएं हैं, तो यह आपके लिए करियर का रास्ता नहीं हो सकता है।