न बनें हेलीकॉप्टर मॉम, अपने टीनएजर बच्चों को दें जीने की आजादी
कहीं वे कुछ गलत न करे, क्या वो ढंग से पढ़ाई कर रहे है? ये लड़का उसके साथ कौन है? ये फोन पर दिन भर क्या करता रहता है? इसे अभी दुनिया की समझ नहीं है, ये अब भी बच्ची है…और न जाने क्या-क्या ऐसी बातें हैं जो आप टीनएज बच्चों की मां होने के नाते दिन भर कहती रहती हैं। वो कहते हैं न हेलीकॉप्टर मॉम, जो अपने बच्चों के सर पर चौबीस घंटे मंडराती रहती हैं, हां वहीं ! आपको हेलीकॉप्टर मॉम बनना छोड़ना होगा। हम जानते हैं कि यह बहुत मुश्किल है लेकिन, हम यहां। आपकी ही मदद के लिए है। इन 5 बातों को फॉलो करते हुए दें अपने टीनएज बच्चों को खुलकर जीने की आजादी!
स्पेस देना बनाएगा आपको कूल मॉम

सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक आप अपने बच्चों का पूरा खयाल रखती हैं और इसमें कुछ गलत भी नहीं है। लेकिन, दिन भर की बड़ी जिम्मेदारियों के बीच भी जब आप अपने बच्चों के कमरे में बार-बार जाकर देखती हैं कि वो क्या कर रहे हैं, यह उन्हें काफी असहज बनाता है। उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है, यह पूछना ठीक है, लेकिन बस यही पूछते रहना सही नहीं है। आप उन्हें टाइम मैनेजमेंट सिखाएं, टिप्स दें और उन्हें अपनी दुनिया में छोड़ दें, न कि इस बार की लगातार चिंता करें कि वह सबकुछ ठीक और नियमानुसार कर रहे हैं या नहीं? थोड़ा स्पेस उन्हें दीजिए और थोड़ा स्पेस उनसे लीजिए।
फ्रेंडली भी, पर फोन-फ्रेंडली भी

ऐसा सोचिए कि आप अपने दोस्त से फोन पर बात कर रही हैं और इतने में आपकी सास, आपकी मां या आपके पति आपसे पूछे कि आप क्या बात कर रही थीं? ऐसे क्यों बात कर रही थीं? इतनी देर तक क्यों बात कर रही थीं? तो, आप इन सवालों से परेशान नहीं हो जाएंगी? ऐसा ही कुछ आपके बच्चों के साथ भी होता है, जब उनका पर्सनल फोन आप लगातार चेक करती रहती हैं। आप जानना चाहती हैं कि उनके फोन का पासवर्ड क्या है? अगर वो किसी से बहुत देर तक बात भी कर रहे हैं तो अपने बच्चों पर और अपने परवरिश पर विश्वास रखिए। आप उनके साथ फ्रेंडली तो हैं ही, थोड़ा फोन फ्रेंडली भी बनकर देखिए।
दोस्त बनाने की आजादी

टीनएज बच्चे काफी हद तक समझदार होते हैं और इतने तो होते ही हैं कि वो अपने दोस्त खुद चुन सकें। आपको भी इस बात का खयाल रखना चाहिए कि आप उनकी दोस्ती के चुनाव के बीच में ना आएं। इंसान को परखने का हुनर अपने आप आता है और इसके लिए आपको उन्हें खुलकर लोगों से बात करने की आजादी देनी होगी। अगर आपकी बेटी किसी लड़के से बात कर रही है, तब भी आपको यह बात समझनी होगी कि वो अपनी जिंदगी, अपने आस-पास के लोगों को खुद की नजरों से देख रही है, जिसका उसे पूरा हक है।
बोलने की आजादी

ऊपर दिए गए तीनों पॉइंट्स को पढ़ने के बाद आपने यही सोचा होगा कि क्या होगा अगर वो किसी गलत संगत में पड़ गए? अगर उन्हें किसी ने ठग लिया और क्या होगा अगर वो फेल हो गए? तो यहां, आप उन्हें दे सकती हैं बोलने की आजादी कि वो कभी भी किसी भी बुरे से बुरे हालत में आपके पास आकर आपसे बात कर सकें। अगर उनसे कुछ गलतियां हो भी जाती हैं, तो उन्हें आपसे बात करने से डर नहीं लगा चाहिए। यहां आप एक प्रॉब्लम सॉल्वर बनकर अपना मॉम-रोल खुलकर प्ले कर सकती हैं और अगर अपने एक बार भी ऐसा कर लिया, तो यकीनन बच्चे आपसे कुछ नहीं छुपाएंगे और आपको हेलीकॉप्टर मॉम बनने की जरुरत भी नहीं होगी।
फैसले लेने में मदद करें, मना नहीं

टीनएज बच्चे जल्द से जल्द बड़ा होना चाहते हैं और आपके लिए आपके बच्चे चाहे जितने बड़े हो जाएं बच्चे ही रहेंगे। ऐसा कई बार होता है कि आप अपने बच्चों के कई फैसलों को नकार देते हैं, लेकिन अगर आप उन्हें इस ‘न’’ का सही स्पष्टीकरण देंगे तो वो जरूर समझेंगे। उन्हें सीधे मना करने से अच्छा है उनकी जरूरतों को समझना, उनके फैसले लेने में मदद करना। समझ लीजिए, अगर वो कोई महंगी चीज की डिमांड कर रहे हैं, जो बेफिजूल है तो, आप उन्हें इस बेफजूली के बारे में खुलकर बताएं और यह भी बताएं कि इसके अलावा वो अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किस अन्य चीज का इस्तेमाल कर सकते हैं।
तो, सभी हेलीकॉप्टर मॉम से दरख्वास्त है कि अपने सिर से हेलीकॉप्टर के पंख निकाल कर अपने बच्चों को दीजिए , जिससे वो उड़ान भर सके और मिले उन्हें टीनएज होने की आजादी।