घुमक्कड़ी पर जा रही हैं, तो ‘साफ-सफाई’ की सोच को भी करें बैग में पैक
सफाई का ख्याल रखना, हमारे लिए बेहद जरूरी है, खासतौर से तब जब हम ट्रैवलिंग कर रहे होते हैं, उस वक्त हम इस बात का ख्याल नहीं रखते, क्योंकि हम घूमने की मस्ती में होते हैं और यह मान लेते हैं कि अगर हाइजीन का ख्याल रखना है, तो घूमना नहीं हो पायेगा, कुछ हद तक यह बात सही भी है, लेकिन कुछ हद तक नहीं भी, क्योंकि ऐसे कई छोटी-मोटी बातें, जो हमारे हाथों में होती हैं, जिससे हम घूमते हुए भी सफाई को साथ लेकर चल सकते हैं, तो आइए आपको कुछ आसान से उपाय बताते हैं, ताकि आप अगली बार जब भी घूमने जाएं, सफाई को साथ ले जाएं।
जब जाएं रोड ट्रिप के दौरान हाइजीन

रोड ट्रिप पर जाना अपने आप में एक खास अनुभव होता है। लेकिन लड़कियों के साथ सबसे बड़ी परेशानी ये होती है कि उन्हें टॉयलेट (शौचालय) का प्रयोग करने में दिक्कतें आती हैं, क्योंकि साफ-सुथरे सुथरे टॉयलेट मिलते नहीं हैं। अब जाहिर है कि हमारे पास अधिक विकल्प नहीं और सफाई करना या ढूंढना भी कठिन काम है, लेकिन आप एक काम कर सकती हैं कि आजकल टॉयलेट सैनेटाइजर भी आते हैं, आप उन सैनेटाइजर को टॉयलेट सीट पर डालें, कोशिश करें ड्राई टॉयलेट का इस्तेमाल करें। साथ ही ट्रिप्स पर हमेशा जरूरी है कि इंडियन टॉयलेट स्टाइल में बैठें, इससे आपके लिए इंफेक्शन होने की गुंजाइश कम हो जाएगी। कोशिश यही करें कि आपकी त्वचा टॉयलेट की किसी चीज में स्पर्श न करें, अपने हाथों को टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद जरूर अच्छे से धो लें और फिर सैनेटाइजर का भी इस्तेमाल करें।
वेट टिश्यू की जगह वेट तौलिया साथ रखें

यह एक छोटी लेकिन जरूरी बात है कि आपको अपने साथ ट्रैवलिंग के दौरान वेट टिश्यू की जगह गीला तौलिया रखना अच्छा होगा, मतलब तौलिया रखें और उसे पानी से धो लें और फिर इस्तेमाल करती रहें। छोटे तौलिये अच्छी मात्रा में रखनी चाहिए, क्योंकि यह संभव है कि कई जगह आपको अपने चेहरे को साफ करने के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में न मिले, तो आप वेट तौलिया का इस्तेमाल कर सकें। इसके अलावा, छोटे हैंड वॉश और पेपर सोप भी होने ही चाहिए।
ट्रेन से सफर करते हुए हाइजीन का ख्याल

कोशिश करें कि कभी भी ट्रेन में दिए जाने वाले तौलिये का इस्तेमाल न करें, हाथ पोंछने के लिए भी नहीं, क्योंकि उसका इस्तेमाल कई लोग कर चुके होते हैं और इसके बावजूद कि सफाई हो, उसे पूरी तरह से साफ नहीं माना जाएगा। आपकी यह भी कोशिश होनी चाहिए कि ट्रेन में लगातार हाथ को सैनेटाइज करते रहना चाहिए, क्योंकि ट्रेन में बार-बार आप गंदी चीजें छूते हैं, कई बार आप अपने जूते चप्पल भी छूते हैं, इसलिए भी जरूरी है बार-बार हाथों को धोते रहें या सैनेटाइज करती रहें। ट्रेन के कंबल या चादर इस्तेमाल करने से पहले एक बार उसमें अपने घर की चादर लेयर करके ओढ़ें, इससे भी आप हाइजीन को मेंटेन कर पाएंगी, ब्रश करने के लिए अपने साथ लाये पानी का ही प्रयोग करें, अपने सीट के आस-पास गंदगी न फैलाएं। ट्रेन में या स्टेशन पर कभी भी खुले ढक्कन वाली बोतलें नहीं खरीदें। अपने बैग में हमेशा ट्रेवल करते हुए एंटी-सैप्टिक चीजें और मच्छर से बचाने वाले स्टिक्स का प्रयोग जरूर करें। जितना हो सके, मास्क लगा कर रखें।
होटल में रहते हुए हाइजीन का ख्याल

यात्रा के दौरान होटल में भी निश्चिततौर पर आप रहने के लिए होटल ही जाएंगी, ऐसे में होटल में रहते हुए आपको अपनी हाइजीन का पूरा ख्याल रखना चाहिए। कोशिश करें कि आप अपना ही तौलिया हमेशा लेकर जाएं। होटल के इस्तेमाल न करें। हेड कैप्स और वहां रखी बाकी की चीजें भी सही तरीके से इस्तेमाल किये जाने चाहिए। होटल की चादरें साफ न हों, तो इसके लिए होटल के मैनेजर से बात करें और उसे साफ -सुथरा रखने की कोशिश करें। आपके कमरे के कचरे सही तरीके से साफ करवाएं। वाशरूम इस्तेमाल करने के बाद, फ्लश करना नहीं भूलें।
ट्रेकिंग करते हुए हाइजीन का ख्याल

इन दिनों ट्रेकिंग का भी काफी लोगों को शौक हो गया है और लड़कियां खूब बाहर जा भी रही हैं, ऐसे में हाइजीन का ख्याल रखना भी जरूरी है। आप अपने बैग को सबसे पहले हैंडी ही रखने की कोशिश करें। एक छोटा-सा तौलिया लें और उस पर एलोवेरा और बेकिंग पाउडर स्प्रे करके उससे चेहरे को साफ करें। अपने इनर वेयर को बदलने की भी लगभग हर दिन कोशिश करें। अपने जूते पहनने से पहले, उसमें शूज स्प्रे आता है या पाउडर आता है, उसका इस्तेमाल करें, ताकि आपके पैरों के पसीने से जूते महकें नहीं और दूसरों को भी परेशानी न हो।
मेंस्ट्रुल हाइजीन

किसी भी तरह के यात्रा के दौरान बेहद जरूरी है कि मेंस्ट्रुल हाइजीन का ख्याल रखें, क्योंकि यह भी आपके लिए एक अहम हिस्सा है। पीरियड के दौरान, इस बात का ख्याल रखना जरूरी है कि इस्तेमाल किये गए पैड्स को सही जगह पर कचरे के डिब्बे में ही डालें। अपने साथ जरूरत से ज्यादा पैड्स रखें और हर दिन में कोशिश करके दो बार पैड्स जरूर बदलें। मेंस्ट्रुअल कप भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।